उन्होंने कहा कि राजीव गांधी कहते थे कि 100 रुपये भेजता हूं और 15 रुपये पहुंचते हैं। लेकिन पीएम मोदी जो 100 रुपये भेज रहे हैं, वह पूरे पहुंच रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से 3.62 लाख करोड़ रुपये 20 करोड़ लोगों के खाते में सीधे जा रहे हैं। काले धन पर कांग्रेस ने तीन साल में एसआईटी नहीं बनाई, लेकिन मोदी सरकार ने तीन दिन में इसका गठन कर दिया। बेनामी संपत्ति कानून लागू किया। 350 रुपये का एलईडी बल्ब 70 रुपये में उपलब्ध कराया, जिससे पर्यावरण और ऊर्जा की बचत हुई। उन्होंने कहा कि मार्च 2019 तक 4 करोड़ लोगों के घर बिजली पहुंच जाएगी। पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौजूद थे।
उपचुनाव में हार का भाजपा करेगी विश्लेषण
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि भाजपा लोकसभा और विधानसभा के उपचुनाव में मिली हार का विश्लेषण करेगी। भाजपा की हार को मोदी के घटती लोकप्रियता से जोड़कर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में जावड़ेकर ने कहा कि ऐसा नहीं है। मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। भाजपा मोदी की लोकप्रियता और केंद्र सरकार के अच्छे काम को लेकर लोकसभा चुनाव में जाएगी।
5वीं और 8वीं में बोर्ड परीक्षा 2019 से
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 2019 से पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा होगी। जुलाई माह में एक विधेयक लाया जाएगा। सभी राज्य सरकारों ने इसकी मंजूरी दे दी है। शिक्षा की गुणवत्ता सुधार लाने के लिए शिक्षकों व अभिभावकों को जवाबदेह बनाया जाएगा। सभी अभिभावकों को अब उनके बच्चों के प्रदर्शन के संबंध में पत्र भेजे जाएंगे। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों पर शिकंजा कसने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी राज्यों में निजी विश्वविद्यालयों के जो कानून हैं, केंद्र सरकार की उनकी समीक्षा करेगा।
दस जनपथ की चिट्ठी से मिलती थी खदानें
जावड़ेकर ने कांग्रेस पर यह कहकर निशाना साधा कि उसके राज में दस जनपथ की चिट्ठी से खदानें मिलती थीं। लेकिन मोदी सरकार में चिट्ठी पर खदानें नहीं मिलती, बल्कि मेरिट पर नीलामी से इनका आवंटन होता है। खदानों के आवंटन में अब भ्रष्टाचार नहीं होता। नीलामी से राजस्व बढ़ा है। जो पैसा प्राइवेट लोगों को जाता था, वह पीएम ने राज्यों को बांटा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 48 साल के शासन में भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन चार साल के शासन में मोदी सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा। कांग्रेस राज में हर काम के लिए दिल्ली में दलाल होते थे। अब वहां दलाली खत्म हो गई है।