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Haridwar: गुरुकुल कांगड़ी विवि के दीक्षांत समारोह में पहुंचे अमित शाह, छात्रों को डिग्री और मेडल से नवाजा

Thu, 30 Mar 2023 09:36 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

विवि के 113वें दीक्षांत समारोह में 8 वर्षों के करीब 1800 छात्र-छात्राओं को स्नातक, परास्नातक, पीजी डिप्मोला, पीएचडी और गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज बृहस्पतिवार को उत्तराखंड पहुंचे हैं। सुबह वे गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के 113वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने 182 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल व 181 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। 

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विवि के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि विवि के 113वें दीक्षांत समारोह में 8 वर्षों के करीब 1800 छात्र-छात्राओं को स्नातक, परास्नातक, पीजी डिप्मोला, पीएचडी और गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2022 तक के छात्र-छात्राओं को दीक्षांत समारोह में उपाधि देने के लिए आमंत्रित किया गया था।

शाह के हाथों स्वर्ण पदक पाकर खिल उठे चेहरे

गृह मंत्री अमित शाह के हाथों पांच विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए हैं। भौतिकी विज्ञान से अविशी चौधरी, बीएससी से वैभव कांडवाल, एमएससी कंप्यूटर विज्ञान से प्रज्ञा चौधरी, एमए संस्कृत साहित्य से ओम प्रकाश और एमएससी सूक्ष्म जीव विज्ञान से सागर चिन्नयोटी को स्वर्ण पदक दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्री के हाथों स्वर्ण पदक पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे।

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भारतीय संस्कृति पर आधारित शिक्षा देने का कार्य करता है गुरुकुल: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद की तपोभूमि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति पर आधारित शिक्षा देने का कार्य करता है। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबंधित करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से शिक्षित और दीक्षित छात्र राष्ट्र विकास में योगदान देंगे। स्वामी दयानंद और स्वामी श्रद्धानंद की वैदिक ज्ञान परंपरा भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य करती है और यहां के छात्र इस परंपरा को जीवित रखेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डाॅ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि यह एक महान तपस्वी और क्रांतिकारी स्वामी श्रद्धानंद की कर्मस्थली है। कुछ शक्तियां कतिपय निजी स्वार्थ वश संस्था पर गिद्ध दृष्टि रखती हैं और एक संरक्षक के रूप में वे इसकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से विश्वविद्यालय के संरक्षण करने का निवेदन किया। कुलपति प्रो. सोमदेव शतांशु ने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति पथ अग्रसर है और भारती ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। अपने विस्तृत प्रतिवेदन में उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और विभागों की प्रगति के बारे में बताया।

नव दीक्षित छात्रों को सत्य अन्वेषण और लोक उपकार के लिए कार्य करने के लिए कुलपति ने दीक्षा उपदेश भी प्रदान किया। समारोह के दूसरे सत्र में कुलाधिपति डाॅ. सत्यपाल सिंह और कुलपति प्रो. सोमदेव शतांशु ने पीएचडी, स्नातकोत्तर, स्नातक और स्वर्ण पदक छात्र-छात्राओं को प्रदान किए। दीक्षांत समारोह का संचालन कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने किया। इस अवसर पर दीक्षांत समारोह के मुख्य संयोजक प्रो. श्रवण कुमार शर्मा, संयोजक प्रो. प्रभात कुमार, सह संयोजक डा. अजय मलिक, वित्ताधिकारी प्रो. देवेंद्र गुप्ता, प्रो. डीएस मलिक आदि मौजूद रहे।

ये संत गण और नेता रहे मौजूद

परमार्थ आश्रम ऋषिकेश के परमाध्यक्ष चिदानंद मुनि, महामंडलेश्वर कैलाशानंद, श्रीमहंत रविंद्र पुरी, यज्ञ मुनि, स्वामी जयंत, आचार्य राजेंद्र, आचार्य विजयपाल शास्त्री, स्वामी प्रणवानंद, स्वामी यतीश्वरानंद, प्रदेश के डीजीपी अशोक कुमार भी मंच पर उपस्थित रहे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, डाॅ. धन सिंह रावत, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, राज्यसभा सांसद डा. कल्पना सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान आदि मौजूद रहे।
 

शाह के मंच पर आते ही बजा कश्मीर के लिए जान दे देंगे की ऑडियो

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के 113वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री ने दीक्षांत यज्ञ में आहुति दी। उनके दीक्षांत यज्ञ में आहुति देने के बाद समारोह आरंभ हुआ। इसके बाद उनके मंच पर पहुंचते ही संसद में दिए गए उस भाषण का ऑडियाे बजाया गया जिसमें वह जम्मू-कश्मीर के पीओके के हिस्से को लेकर उत्तेजित होते हुए कहते हैं कि इसके लिए जान दे देंगे। मंच पर शाह के आने पर छात्रों ने नारेबाजी के साथ जोरदार स्वागत किया। पंडाल में भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे।
 
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