शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि केंद्र सरकार राम मंदिर पर अपनी नीयत स्पष्ट करे। मंदिर निर्माण में पहले ही बहुत देर हो गई है। अधिक विलंब स्वीकार करने के लिए देश का जनमानस और संत समाज अब तैयार नहीं हैं। मंदिर निर्माण की कार्रवाई तत्काल प्रारंभ होनी चाहिए।
जगद्गुरु शंकराचार्य बृहस्पतिवार को जगद्गुरु आश्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा से वार्ता के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी दी। स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि देश का धर्मावलंबी समाज दशकों से राम मंदिर की प्रतीक्षा कर रहा है।
प्रधानमंत्री पद पर नरेंद्र मोदी के आने और अधिकांश राज्यों में हिंदू समर्थक सरकार बनने से उम्मीद जगी थी कि राम मंदिर का निर्माण शीघ्र हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि दुुख का विषय है कि राष्ट्रभक्त और रामभक्त नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही मंदिर का निर्माण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि हाल में चले घटनाक्रम के कारण हिंदू जनमानस काफी नाराज है। उम्मीद थी कि न्यायालय की ओर से लगातार सुनवाई होने के बाद कोई फैसला आएगा। जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वास्तव में वह मंदिर निर्माण चाहती भी है या नहीं। यदि बहुसंख्यक समाज के हितों की अनदेखी की गई तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। हिंदू जनमानस किसी भी कीमत पर राममंदिर का निर्माण करने पर उतारू है।
केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने जगद्गुरु के साथ लंबी मंत्रणा की। उन्होंने कहा कि वे केवल शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज का आशीर्वाद लेने यहां आए हैं। इस मौके पर आश्रम की ओर से नारायण शर्मा, अभिषेक कौशिक, नवीन चंद्रानंद, डा. गौरव आदि ने उनका स्वागत किया।