इससे प्रदेश में तकरीबन सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी टैक्स से बाहर हो जाएंगे। साथ ही समूह ग के उन कर्मचारियों को भी इसका फायदा होगा, जिनकी मासिक आय 40 से 45 हजार रुपये के बीच है। निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को भी टैक्स में छूट का फायदा होगा।
पुरानी आयकर प्रणाली में पांच लाख से अधिक पर 20 प्रतिशत टैक्स वसूली होती थी, लेकिन नई व्यवस्था में 7.50 लाख से 10 लाख तक 15 प्रतिशत किया गया है। यानी 10 लाख रुपये तक की आय वालों को टैक्स में पांच प्रतिशत राहत मिली है। प्रदेश के 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी इस छूट के दायरे में आ रहे हैं।
सेविंग से छूट की सुविधा हटाने से हताशा
लेकिन आयकर में बचत से मिलने वाली छूट की सुविधा हटा दी गई है। इससे कर्मचारियों में हताशा है और वे खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। वे यह उम्मीद कर रहे थे कि केंद्र सरकार उन्हें 10 लाख रुपये तक पूरी तरह से आयकर सीमा से बाहर कर देगी और उसके बाद के स्लैब में बचत के जरिये कर से छूट की सुविधा दी जाएगी।
- 5 लाख तक की आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना है।
- 5 लाख से 7.5 लाख तक की आय पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। पहले यह 20 फीसदी था।
- 7.5 लाख से 10 लाख तक की आय पर 15 प्रतिशत इनकम टैक्स।
- 10 लाख से 12.5 लाख की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगेगा। यह पहले 30 प्रतिशत था।
- 12.5 लाख से 15 लाख की आय पर 25 % टैक्स लगेगा।
- 15 लाख से ऊपर आय वालों को पहले की तरह 30% टैक्स लगेगा