मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्र के पेश अंतरिम बजट को देश के गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, कर्मचारियों व समाज के प्रत्येक वर्ग के अनुकूल बताया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने बजट पर विपक्ष की आपत्ति कहा कि कांग्रेस केवल निराधार आरोप लगाती है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इसके एक्सपर्ट हैं, जिन्हें इतना ज्ञान नहीं कि चीनी कैसे पैदा होती है।
केंद्र का बजट प्रस्तुत होने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता कहा कि बजट न्यू इंडिया के भविष्य की झलक है। दो हेक्टेयर या इससे कम जमीन वाले किसानों को किसान सम्मान निधि योजना से प्रदेश के लगभग 92 प्रतिशत किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय को दुगुनी करने के यह कदम मददगार होगा। पांच लाख तक की आय को इनकम टैक्स फ्री करने से कम व मध्य आय वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचेगा।
केंद्र सरकार ने न सिर्फ महंगाई और वित्तीय घाटे को कम किया। यूपीए के शासनकाल में महंगाई दर 10.1 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 4.6 प्रतिशत तक आ गई है। केंद्र सरकार ने मजदूर वर्ग और असंगठित क्षेत्र के लोगों के कल्याण की सोच को सार्थक किया है। मजदूरों की आकस्मिक मृत्यु पर उनके आश्रितों को मिलने वाली मुआवजा राशि को 2.5 लाख से बढ़ाकर छह लाख किया गया है।
असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के तहत तीन हजार रुपये पेंशन देने की कल्याणकारी योजना की शुरूआत की है। देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में मुद्रा योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। अब तक 6 करोड़ निशुल्क गैस कनेक्शन बांटे गए है। उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य की लगभग 4 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिला है।
अगर किसी व्यक्ति की आय आठ लाख तक है और उसने निवेश भी कर रखा है तो उसे आयकर नहीं देना होगा। पांच लाख तक की आय को सरकार ने कर मुक्त कर दिया है। आयकर की धारा 80 सीसी के तहत पीपीएफ, बीमा किश्त राशि, बच्चों की फीस, होम लोन की मूल रकम की किश्त आदि को मिलाकर डेढ़ लाख तक की छूट मिलेगी। इसी तरह आयकर की धारा 24 के तहत होम लोन पर दो लाख रुपये की छूट मिलेगी।
- सोमेश बरतरिया, एफ.सी.ए
नहीं घटेंगे आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले
सरकार के इस फैसले से नौकरी पेशा वालों को खासी राहत मिलने वाली है। सभी तरह की छूट मिलाकर आठ लाख तक की आय को कर मुक्त कराया जा सकता है। एक तथ्य यह भी है कि सरकार के इस फैसले से आयकर रिटर्न (विवरणी) दाखिल करने वालों की संख्या कम नहीं होगी। पहले से ही यह देखने में आया है कि निजी या व्यासायिक लोग विवरणी दाखिल करते समय अपनी आय को छूट की सीमा तक किसी न किसी तरह बढ़ा लेते हैं।
-नदीम उद्दीन, वरिष्ठ अधिवक्ता, आयकर
पांच साल की सेवाएं पूरी होने के बाद कर्मचारियों को हर वर्ष एक फार्मूले के आधार पर 27 दिन का वेतन मिलता है। इससे अर्जित होने वाली आय को ग्रेच्युटी कहते हैं। सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी की तय फार्मूले के आधार पर गणना कर कर्मचारी को दी जाती है। ये करमुक्त होती है। ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये थी। इससे अधिक सेवावधि वाले कर्मचारियों को नुकसान होता था। अब 20 लाख रुपये होने से उन्हें फायदा होगा।
किसानों को फायदा
अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के नौ लाख छोटे किसानों को सौगात दी है। जिनके पास दो हेक्टेयर तक कृषि जोत हैं। उनके खाते में प्रति वर्ष छह हजार रुपये की प्रत्यक्ष सहायता राशि जमा होगी। केंद्र ने अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। प्रदेश के करीब नौ लाख (92 प्रतिशत) किसानों को इस कार्यक्रम का लाभ मिलेगा। इस सौगात से प्रदेश के किसानों ने पीएम मोदी के अंतरिम बजट को सराहा है।