यूसीसी नियमों का मूल या स्थायी निवास से संबंध नहीं
मनु गौड़ ने स्पष्ट किया है कि यूसीसी के तहत उत्तराखंड में एक साल से रहने वाला कोई भी व्यक्ति अपना पंजीकरण करवा सकता है। इस समय अवधि का मूल निवास या स्थायी निवास से कोई संबंध नहीं है। यदि यह सिर्फ मूल और स्थायी निवासी पर ही लागू होता तो अन्य राज्यों से आने वाले बहुत सारे लोग इसके दायरे से छूट जाते। वैसे भी यूसीसी एक्ट में निवासी की परिभाषा सिर्फ यूसीसी से संबंधित विषयों के लिए दी गई है। इसके लिए भी पांच श्रेणियां तय की गई हैं। इसका मकसद उत्तराखंड में रहने वाले सभी लोगों को यूसीसी के तहत पंजीकरण की सुविधा देने के साथ ही सरकार के डेटा बेस को ज्यादा समृद्ध बनाना है।
यह वोटर कार्ड की तरह ही है
गौड़ के मुताबिक, यह एक तरह से वोटर कार्ड तरह ही है जिसका मूल निवास या स्थायी निवास से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यूसीसी के तहत भरे जाने वाले फॉर्म में चूंकि कई सारे विकल्प दिए गए हैं, इसलिए फॉर्म 16 पेज का हो गया है। बावजूद इसके फॉर्म को ऑनलाइन तरीके से भरने में 5-10 मिनट का ही समय लगेगा। चूंकि इसे हर तरह से फूलप्रूफ बनाया जाना था, इसलिए फॉर्म को विस्तृत रखा गया है। ऑफलाइन में इसे अधिकतम आधा घंटे में भरा जा सकता है। वेबपोर्टल में आधार डालते ही विवरण खुद ही आ जाएगा इसलिए ऑनलाइन पंजीकरण बेहतर सुविधाजनक है।