यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण में तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने बाद जुलाई 25 तक यानी छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक पहुंच गई है, जबकि वर्ष 2010 में लागू पुराने एक्ट के तहत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3.30 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण हुए थे। प्रतिदिन का औसत देखा जाए तो पुराने एक्ट के अनुसार प्रतिदिन विवाह पंजीकरण की औसत संख्या मात्र 67 थी, जो यूसीसी लागू होने बाद 1634 पहुंच गई है।
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य सरकार का ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। यूसीसी का उद्देश्य किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान देना है। विवाह पंजीकरण में आई अभूतपूर्व वृद्धि यह दर्शाती है कि जनता ने इस कानून को स्वीकार किया है और इसे सामाजिक सुधार के रूप में देखा है। राज्य ने पूरे देश को एक नई दिशा देने का कार्य किया है और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाएंगे।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री