यदि युवाओं को फ्रेंच, जर्मन, अमेरिकन समेत अन्य देशों की भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है, तो उन्हें गाइड के तौर पर रोजगार मिल सकता है। साथ ही बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) व नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ) सेक्टर में फॉरेन लैंग्वेज में दक्ष युवाओं की काफी डिमांड है।
बता दें कि अभी तक विभिन्न विभागों की ओर से ग्रोथ सेंटर के 120 प्रस्ताव सरकार को भेजे गए। इसमें 58 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन ग्रोथ सेंटरों के लिए विश्व बैंक पोषित योजना से धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।
सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लैंग्वेज स्किल पर काम करने की आवश्यकता है। ग्रोथ सेंटर खोलने के लिए आईटी विभाग के दो प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। जहां पर युवाओं को फॉरेन लैंग्वेज के साथ अन्य रोजगारपरक कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
-मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव, उद्योग विभाग