श्रीनगर में बेरोजगार युवाओं ने संजरी कॉर्पोरेट कंपनी के आवेदन पत्र की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। युवाओं ने अधिकारियों पर कंपनी से मिलीभगत का आरोप लगाया।
साथ ही कंपनी के खिलाफ दायर याचिका पर निर्णय न आने तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। रमसा के तहत आउटसोर्सिंग से होने वाली स्पेशल टीचर, प्रयोगशाला सहायक और लेखाकार की भर्ती के लिए संजरी ने आवेदन पत्र जारी किए थे।
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आवेदन पत्र की प्रतियां जलाईं
इस पर बेरोजगारों की नाराजगी थम नहीं रही। गढ़वाल विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर शुक्रवार को युवा कांग्रेस, भाजपा और बेरोजगार संगठन ने संजरी कॉर्पोरेशन कंपनी के आवेदन पत्र की प्रतियां जलाईं।
बेरोजगारों से लिए 500 रुपये
युवक कांग्रेस के महासचिव परवेज अहमद ने कहा कि पूर्व में संजरी कंपनी ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत निकाली विज्ञप्ति में बेरोजगारों से आवेदन शुल्क के रूप में 500 रुपये लिए थे और कंपनी भाग गई थी।
इस मामले में संजरी कॉर्पोरेट पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। बेरोजगारों ने आरोप लगाया कि कंपनी को टेंडर देने में भारी अनियमितता बरती गई है। इसमें कई शीर्ष अधिकारी शामिल हैं।
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नियुक्ति प्रक्रिया पर लगे रोक
भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अरविंद टम्टा ने कहा कि संजरी के विरुद्ध उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर निर्णय आने तक नियुक्ति प्रक्रिया रोकी जानी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार से बेरोजगारों को आवेदन फीस संजरी से ब्याज सहित वापस दिलवाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में नवीन बडोनी, निर्मलकांत विद्रोही, अनिल सेमवाल, दिलीप रावत, एके डिमरी और चंद्रशेखर खत्री आदि शामिल थे।