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Transfer Act: इस साल पहाड़ से नहीं उतर पाएंगे हजारों शिक्षक, पात्र 15 प्रतिशत शिक्षकों के ही हो पाएंगे तबादले

Sat, 02 Jul 2022 04:26 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून

सार

2020-21 एवं 2021-22 में कोविड-19 की वजह से तबादला सत्र को शून्य सत्र घोषित किया गया था। हालांकि, तबादला एक्ट की धारा 27 के तहत कुछ शिक्षकों के तबादले किए गए थे, लेकिन अधिकतर शिक्षक अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर तबादलों का इंतजार करते रह गए।
 
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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 प्रदेश में इस साल हजारों शिक्षक पहाड़ से नहीं उतर पाएंगे। पिछले कई साल से तबादलों का इंतजार कर रहे पात्रता सूची के लगभग 15 हजार शिक्षकों में से 15 प्रतिशत शिक्षकों के ही तबादले होंगे। सरकार की ओर से तबादलों के लिए अधिकतम सीमा तय किए जाने से यह स्थिति बनी है। इससे 12 हजार से अधिक शिक्षक तबादलों की जद से बाहर हो गए हैं। 

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प्रदेश में कई शिक्षक 15 से 20 साल से दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में तैनात हैं। जो पिछले कई वर्षों से तबादलों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन 2020-21 एवं 2021-22 में कोविड-19 की वजह से तबादला सत्र को शून्य सत्र घोषित किया गया था। हालांकि, तबादला एक्ट की धारा 27 के तहत कुछ शिक्षकों के तबादले किए गए थे, लेकिन अधिकतर शिक्षक अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर तबादलों का इंतजार करते रह गए।

शिक्षा विभाग की ओर से इस बार तबादला एक्ट के तहत मानक में आ रहे सहायक अध्यापक एलटी के 4400, लेक्चरर के 3300 एवं बेसिक के करीब सात हजार शिक्षकों की सूची जारी की गई थी। विभाग की वेबसाइट में तबादलों के लिए पात्र इन शिक्षकों की सूची जारी किए जाने के बाद अब मुख्य सचिव की ओर से मात्र 15 प्रतिशत तबादलों का आदेश जारी किया गया है। जिससे तबादलों की आस लगाए हजारों शिक्षकों को झटका लगा है। 

कई शिक्षक सुगम में तबादला पाए बिना ही हो जाएंगे सेवानिवृत्त

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल के मुुताबिक हजारों शिक्षक दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में कार्यरत हैं, लेकिन सरकार की ओर से 15 प्रतिशत तबादलों के लिए आदेश जारी किया गया है। जिससे इन शिक्षकों के इस बार भी तबादले नहीं हो पाएंगे। तबादलों को लेकर यही स्थिति रही तो कई शिक्षक सुगम में तबादला पाए बिना ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 

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तबादला एक्ट के तहत पात्रता सूची में आने वाले सभी शिक्षकों के तबादले होने चाहिए थे। यदि ऐसा नहीं किया जा सकता तो कम से कम सभी खाली पदों पर तबादले करने चाहिए थे, लेकिन शासन की ओर से तबादलों के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत की सीमा तय कर दी गई है। इससे यह होगा कि कई शिक्षक दुर्गम क्षेत्र के स्कूलों से सुगम में आने का इंतजार करते रह जाएंगे।

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 - अजय राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष, राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ

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