इसके अलावा दूसरा कारण यह भी बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने लॉ एंड आर्डर के संबंध में प्रशासन से अनुमति लेकर नगर निगम को देनी थी लेकिन मंगलवार तक वह भी नहीं मिल सकी है। नगर निगम के अनुसार इसी वजह से परेड ग्राउंड में सामान लेकर पहुंचे ट्रकों को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है। जिसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कहा कि परेड ग्राउंड में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए 10 जुलाई को विधिवत रूप से नगर निगम के आदेश पर 15 से 17 जुलाई तक के लिए परेड ग्राउंड का निर्धारित शुल्क 177000 रुपये जमा कराते हुए आरक्षित किया गया था।
परेड ग्राउंड मैदान को नियमानुसार आरक्षित करने के बावजूद प्रशासन भाजपा सरकार के दबाव में अनुमति देने में आनाकानी कर रहा है। आरक्षित किये गये मैदान की समयावधि आज से शुरू हो जाएगी। यदि नगर निगम प्रशासन हमारी समय सीमा में मैदान उपलब्ध नहीं कराता तो यह यह तानाशाही होगी।