दो साल बाद 329 युवाओं की नौकरी खतरे में
स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण की जांच के बीच भर्तियों की भी एसटीएफ जांच कराए जाने से जहां 329 से ज्यादा युवाओं की नौकरी खतरे में पड़ गई है वहीं सचिवालय सुरक्षा संवर्ग की नौकरी से एक कदम दूर युवा भी अधर में लटक गए हैं।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने हाईकोर्ट के अधीनस्थ न्यायालयों व परिवार न्यायालयों में समूह-ग के तहत कनिष्ठ सहायक के 288 और आशुलिपिक-वैयक्तिक सहायक के 41 पदों पर सीधी भर्ती के लिए सितंबर 2019 में विज्ञप्ति निकाली थी। इसकी परीक्षा हुई और 2020 में सभी युवाओं को नौकरी मिल गई। स्नातक स्तरीय परीक्षा में दो नकल के आरोपियों की न्यायालयों से गिरफ्तारी के बाद यह भर्ती सवालों में आ गईं।
पुलिस महानिदेशक ने इस भर्ती की भी एसटीएफ जांच का निर्णय लिया है, जिसके बाद 329 युवाओं की नौकरी दो साल बाद खतरे में आ गई है। अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि इस भर्ती में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। इसके अलावा आयोग ने सचिवालय सुरक्षा संवर्ग के तहत रक्षक के 33 पदों पर भर्ती की विज्ञप्ति पिछले साल फरवरी में जारी की थी। आयोग ने अप्रैल में इस भर्ती का रिजल्ट तो जारी कर दिया था लेकिन शारीरिक मापजोख, सत्यापन की तिथि तय ही नहीं हो पाई। डीजीपी ने इस परीक्षा की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद इन युवाओं का भविष्य में भी खतरे में आ गया है।