यूकेएसएसएससी परीक्षा में कब क्या हुआ
- 21 सितंबर : प्रदेश भर में 445 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन।
- 22 सितंबर : सोशल मीडिया में पेपर के तीन पेज वायरल होने के बाद रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज।
- 22 सितंबर : पेपर लीक का आरोप लगाकर युवाओं ने परेड ग्राउंड देहरादून में आंदोलन शुरू किया।
- 25 सितंबर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेपर लीक प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित की।
- 27 सितंबर : मुख्यमंत्री धामी ने प्रकरण की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया।
- 29 सितंबर : सीएम धामी परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पहुंचे। युवाओं को सीबीआई जांच, जरूरी होने पर परीक्षा रद्द करने का आश्वासन दिया। आंदोलन स्थगित।
- 01 अक्तूबर: मुख्यमंत्री ने परीक्षा की सीबीआई जांच की सिफारिश की।
- 01-10 अक्तूबर : एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग ने हल्द्वानी, टिहरी व देहरादून में जनसंवाद किया।
- 11 अक्तूबर : न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द।
परीक्षा को छात्र हित में निरस्त किया है। यह निर्णय जांच आयोग की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे। पुनः आयोजित होने वाली यह परीक्षा अन्य परीक्षाओं के कार्यक्रम पर कोई असर नहीं डालेगी। हर छात्र के लिए निष्पक्ष अवसर और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। नकल प्रकरण की जांच के लिए सीबीआई की संस्तुति कर दी है। सरकार छात्रों के भविष्य और अभिभावकों के विश्वास के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार