जो प्रमाणपत्र उसने फॉर्म में लगाए थे वे भी प्राथमिक जांच में फर्जी पाए गए। बिना हस्ताक्षर वाला स्थायी प्रमाणपत्र उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी किया हुआ जमा किया गया। ओबीसी प्रमाणपत्र भी फर्जी निकला। इसके बाद शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच हुई तो उसने इनमें भी फर्जीवाड़ा किया हुआ है। तीन-तीन बार तो उसने ग्रेजुएशन पास करना दर्शाया है।
ये सब काम उसने परीक्षा में अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से किया। ऐसे में जांच अधिकारी एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी ओर से सुरेंद्र कुमार के खिलाफ रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।