अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की तैयारी
गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। सभी को बुलाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। जिन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमे हैं, उनके बारे में भी पता कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
कंपनी के अधिकारी भी रडार पर
वन दरोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा एनएसईआईटी लिमिटेड नाम की कंपनी ने कराई थी। एसटीएफ का मानना है कि बिना इस कंपनी की मिलीभगत के नकल नहीं कराई जा सकती है। ऐसे में संभावना है कि कंपनी के अधिकारी भी मिले हुए हैं। इस मामले में एसटीएफ ने कुछ अधिकारियों को चिह्नित किया है। इनसे पूछताछ की जाएगी। यदि कोई साक्ष्य मिलते हैं तो गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
शशिकांत से भी जुड़े हैं इस भर्ती के तार
देहरादून। वन दरोगा भर्ती घपले के तार स्नातक स्तरीय भर्ती पेपर लीक से भी जुड़े हुए हैं। इनमें एक आरोपी शशिकांत को पेपर लीक कराने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसका नाम भी वन दरोगा भर्ती घपले में सामने आ रहा है। हालांकि, इसमें अभी पुख्ता सुबूत नहीं मिले हैं। यदि साक्ष्य मिलते हैं तो एसटीएफ शशिकांत को इस मामले में भी आरोपी बनाएगी। शशिकांत ने अपने रिजॉर्ट में दर्जनों अभ्यर्थियों को हल किया हुआ पेपर मुहैया कराया था।
बेरोजगारी दूर करने को जुड़ गए माफिया के साथ
देहरादून। वन दरोगा भर्ती घपले में पकड़े गए दोनों आरोपी बेरोजगार हैं। उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में भी भाग लिया। इसके बाद पिछले साल वह क्षेत्र के कुछ नकल माफिया के चंगुल में आ गए। उन्होंने माफिया के साथ मिलकर इस धंधे को शुरू कर दिया। एसटीएफ इनके और भी आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। मामले में अभी कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।