पटवारी और कनिष्क सहायक बनानेे का दावा करता था अंकित
एसटीएफ की गिरफ्त में आया नौगांव निवासी अंकित रमोला हाकम सिंह का करीबी बताया जा रहा है। उसके बारे में कहा जा रहा है कि वह हाकम के एजेंट के रूप में काम करता था और उसके बल पर क्षेत्र में खुलेआम पटवारी (राजस्व उप निरीक्षक), कनिष्क सहायक बनाने का दावा करता था।
पिछले साल हुई संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अंकित रमोला को गिरफ्तार किया। इससे पहले एसटीएफ जीआईसी नैटवाड़ में तैनात व्यायाम शिक्षक तनुज शर्मा और जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है।
बीते बुधवार रात को एसटीएफ ने उत्तरकाशी के नौगांव निवासी अंकित रमोला को शक के आधार पर उसके हिरासत में लिया था। बृहस्पतिवार को उसके खिलाफ सुबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अंकित ने बड़कोट डिग्री कॉलेज में छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उसे जीत तो नहीं मिली लेकिन इसके बाद वह नेताओं के संपर्क में आया। इसके बाद उसने क्रशर उद्योग में डंपर लगाकर पैसे भी बनाए। कहा जा रहा है कि करीब चार साल पहले जब उसकी शादी मोरी क्षेत्र से हुई तो वह हाकम सिंह के संपर्क में आया।
सरकारी नौकरी का लालच देकर गांव बुलाए थे युवा
पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हाकम सिंह ने विधानसभा चुनाव 2022 में रवाईंघाटी में डेरा डाला हुआ था। उसने क्षेत्र के युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर गांव में एक पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान के लिए बुलाया था। वहीं पूर्व की भर्तियों में उसके द्वारा नौकरी लगाए गए युवाओं को भी बुलाया गया। जिससे युवाओं के परिजनों को विश्वास दिलाया जा सके कि हाकम के जरिये उनके बेटे की सरकारी नौकरी लग सकती है।