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Uksssc Paper Leak: एसटीएफ ने उत्तरकाशी से एक और आरोपी को किया गिरफ्तार, पत्नी को कराई थी नकल

Thu, 18 Aug 2022 08:14 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

एसटीएफ ने सभी ऐसे अभ्यर्थियों को आगाह किया है जिन्होंने अनुचित साधनों से एग्जाम को क्लियर किया है। कहा कि वे खुद आकर अपने बयान दर्ज करवा दें। वरना जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है। 
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एक और आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने उत्तरकाशी से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसने अपनी पत्नी को नकल कराई थी। कई और अभ्यर्थियों को हाकम सिंह के कहने पर शिक्षक तनुज शर्मा के घर ले जाकर पेपर दिया था।

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पेपर लीक मामले में बृहस्पतिवार को एसटीएफ ने 19वीं गिरफ्तारी की। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि उत्तरकाशी के नौगांव क्षेत्र निवासी आरोपी अंकित रमोला जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत का बेहद करीबी है। उसने अपनी पत्नी को इस परीक्षा में शामिल कराया था। अंकित की पत्नी ने भी हल किया हुआ पेपर लेकर परीक्षा दी, लेकिन वह पास नहीं हो पाई। हाकम सिंह ने अंकित रमोला को दूसरी ड्यूटी में भी लगाया था। उसे देहरादून सेंटर की जिम्मेदारी दी गई थी। 

उसने सर्वे चौक, सहस्रधारा रोड, प्रिंस चौक आदि जगहों से अभ्यर्थियों को अपनी गाड़ी से शिक्षक तनुज शर्मा के रायपुर स्थित घर पहुंचाया था। यहां उन्हें नकल कराई गई थी। इनमें से कई अभ्यर्थी पास हुए और बहुत से फेल भी हुए हैं। एसटीएफ ने अंकित रमोला को बुधवार रात को हिरासत में लिया था। उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले तो बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

खनन में चलते हैं अंकित रमोला के डंपर 

अंकित रमोला ने भी इस तरह के कार्यों से खूब पैसा कमाया है। कुछ साल पहले उसने अपने डंपर खरीदे थे। ये डंपर एक स्टोन क्रशर में चलते हैं। स्टोन क्रशर एक जनप्रतिनिधि के भाई का बताया जा रहा है। हालांकि, जनप्रतिनिधि से उसका सीधा संबंध नहीं बताया जा रहा है। एसटीएफ उसके बारे में कई और जानकारी जुटा रही है। 

ये है मामला

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा गत वर्ष दिसंबर में कराई थी। इसके बाद से ही लगातार इसमें धांधली की बात सामने आ रही थी। बीती 22 जुलाई को मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। तब इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई। इसके बाद से ही एसटीएफ कड़ियां जोड़कर पूरे मामले की जांच में जुटी है। इस मामले में अब तक 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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पटवारी और कनिष्क सहायक बनानेे का दावा करता था अंकित

एसटीएफ की गिरफ्त में आया नौगांव निवासी अंकित रमोला हाकम सिंह का करीबी बताया जा रहा है। उसके बारे में कहा जा रहा है कि वह हाकम के एजेंट के रूप में काम करता था और उसके बल पर क्षेत्र में खुलेआम पटवारी (राजस्व उप निरीक्षक), कनिष्क सहायक बनाने का दावा करता था। 

पिछले साल हुई संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अंकित रमोला को गिरफ्तार किया। इससे पहले एसटीएफ जीआईसी नैटवाड़ में तैनात व्यायाम शिक्षक तनुज शर्मा और जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है।

बीते बुधवार रात को एसटीएफ ने उत्तरकाशी के नौगांव निवासी अंकित रमोला को शक के आधार पर उसके हिरासत में लिया था। बृहस्पतिवार को उसके खिलाफ सुबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अंकित ने बड़कोट डिग्री कॉलेज में छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उसे जीत तो नहीं मिली लेकिन इसके बाद वह नेताओं के संपर्क में आया। इसके बाद उसने क्रशर उद्योग में डंपर लगाकर पैसे भी बनाए। कहा जा रहा है कि करीब चार साल पहले जब उसकी शादी मोरी क्षेत्र से हुई तो वह हाकम सिंह के संपर्क में आया।

सरकारी नौकरी का लालच देकर गांव बुलाए थे युवा 

पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हाकम सिंह ने विधानसभा चुनाव 2022 में रवाईंघाटी में डेरा डाला हुआ था। उसने क्षेत्र के युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर गांव में एक पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान के लिए बुलाया था। वहीं पूर्व की भर्तियों में उसके द्वारा नौकरी लगाए गए युवाओं को भी बुलाया गया। जिससे युवाओं के परिजनों को विश्वास दिलाया जा सके कि हाकम के जरिये उनके बेटे की सरकारी नौकरी लग सकती है। 
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