जैमर की रेंज में था खालिद का कक्ष
इस मामले में जैमर को लेकर भी तमाम सवाल उठे हैं। जांच हुई तो पता चला कि जिस कक्ष में खालिद परीक्षा दे रहा था वहां पर जैमर नहीं लगा था। एसआईटी ने जांच की तो पता चला कि इस कक्ष के दोनों तरफ के कक्षों में जैमर लगे हुए थे। एक जैमर की रेंज 10 से 15 मीटर तक होती है। ऐसे में यह कक्ष भी जैमर की रेंज की जद में था। यही कारण था कि खालिद ने कक्ष में मोबाइल से फोटो तो खींच लिए लेकिन उन्हें वहां से भेज नहीं पाया। फोटो भेजने के लिए वह वॉशरूम तक गया।
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नकल के चक्कर में रहा किए कुल 35 सवाल हल
खालिद कई दिनों से नकल करने की जुगत में लगा हुआ था। एक दिन पहले उसने मोबाइल छिपाया। उसे विश्वास था कि उसकी योजना सफल हो जाएगी। मोबाइल कक्ष में ले जाने में सफल भी हो गया और प्रश्नपत्र के तीन पन्ने बाहर भेज भी दिए। इनके उत्तर आते तब तक बात उजागर हो चुकी थी। ऐसे में उसे उत्तर नहीं मिले। वह नकल और अकल से कुल 35 सवाल ही हल कर पाया। इनमें से कुछ गलत भी हो सकते हैं। ऐसे में इतना साफ है कि खालिद इस परीक्षा में पास तो बिल्कुल नहीं होगा। तस्दीक के लिए अब आयोग से उसका रिकॉर्ड भी एसआईटी ने मांगा है।