पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने शनिवार को 33वीं गिरफ्तारी की। एसटीएफ ने आयोग के पूर्व संविदा कर्मी पीआरडी जवान को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पहले पकड़े गए आरोपी मनोज जोशी से पेपर लिया और फोटोकॉपी कराने के बाद पत्नी को मुहैया कराया। आरोपी 2014 से अप्रैल 2022 तक अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में संविदा कर्मी रह चुका है। एसटीएफ ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अभी और गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं। इसमें अब तक गिरफ्तार हुए लोगों से पूछताछ में कड़ियां एक दूसरे से जुड़ती जा रही हैं। पिछले दिनों मनोज जोशी से पूछताछ में पता चला था कि उसने संजय राणा निवासी भीमतला, जिला चमोली को पेपर मुहैया कराया था। एसटीएफ ने कई दिन जांच करने और फोन डिटेल पर संजय राणा तक पहुंची और उसे शुक्रवार शाम को पूछताछ के लिए बुलाया। गवाहों से हुई पूछताछ और टेक्निकल सुबूतों के आधार पर संजय को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में उसने बताया कि उसने मनोज से लिए गए प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी कराई और पत्नी को याद करने के लिए दिया। रिजल्ट आया तो संजय की पत्नी भी पास हो गई। एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में संजय की पत्नी को भी आरोपी बनाया जाएगा। अब तक 100 से अधिक अभ्यर्थियों की पहचान हो चुकी है, जिन्होंने पेपर खरीदकर परीक्षा दी और पास हुए। इसके अलावा कुछ अभ्यर्थी फेल भी हुए हैं। बारी-बारी से सभी के बयान लिए जा रहे हैं। जिन अभ्यर्थियों ने पेपर खरीदकर परीक्षा दी है उनकी संख्या 250 से भी ज्यादा हो सकती है।
मनोज जोशी भी था आयोग का संविदा कर्मी
एसटीएफ ने मनोज जोशी को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था। वह आयोग में संविदा कर्मचारी था। उसके भी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के कर्मियों से ताल्लुकात थे। इसके साथ ही संजय राणा भी आयोग में ही संविदा कर्मचारी था। इसी दरम्यान मनोज और संजय की दोस्ती हुई थी।