पेपर लीक मामले में शुक्रवार को 32 वीं गिरफ्तारी हुई। एसटीएफ ने टिहरी के हिंदोलखल पॉलिटेक्निक में तैनात कनिष्ठ सहायक राजबीर को हरिद्वार से गिरफ्तार किया। दूसरी ओर से गुरुवार देर शाम विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद में घिरे उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी को शासन ने निलंबित कर दिया है।
UKSSSC पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने हरिद्वार से एक आरोपी गिरफ्तार किया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने धामपुर के नकल सेंटर में परीक्षार्थियों को नकल कराई थी। पेपर लीक मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है। एसटीएफ एक के बाद एक आरोपियों तक पहुंच रही है।
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शुक्रवार को पेपर लीक मामले में 32 वीं गिरफ्तारी हुई। एसटीएफ ने टिहरी के हिंदोलखल पॉलिटेक्निक में तैनात कनिष्ठ सहायक राजबीर को हरिद्वार से गिरफ्तार किया। आरोपी ने हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के कुछ परीक्षार्थियों को साथ ले जाकर धामपुर के नकल सेंटर में प्रश्न पत्र लीक कराया था।
वहीं विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद में घिरे उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी को शासन ने निलंबित कर दिया है। सचिव प्रभारी, सचिवालय प्रशासन विनोद कुमार सुमन ने गुरुवार देर रात उनके निलंबन के आदेश जारी किए।
21 दिन से गैर हाजिर चल रहा था आरोपी
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक मामले में हरिद्वार से गिरफ्तार हुआ राजकीय पॉलीटेक्नीक हिंडोलाखाल का कर्मचारी राजवीर सिंह 21 दिन से बिना बताए गैरहाजिर चल रहा था। उसने बीते 18 जुलाई को हिंडोलाखाल में ज्वाइनिंग दी थी और 12 अगस्त को सीएल लेकर गया था। तब से वह नहीं लौटा। आशंका है कि उसे एसटीएफ की पकड़ में आने का अंदेशा हो गया था। इसलिए वह एक दिन का अवकाश लेने के बाद लौटकर नहीं आया।
प्रदेश के चर्चित पीपर लीक मामले में शुक्रवार को एसटीएफ ने 32वीं गिरफ्तारी हरिद्वार से की। गिरफ्त में आया राजवीर सिंह निवासी बहादुरपुर लक्सर (हरिद्वार) वर्तमान में ब्लॉक देवप्रयाग के मुख्यालय हिंडोलाखाल स्थित राजकीय पॉलीटेक्नीक वरिष्ठ सहायक के तौर पर कार्यरत था। उसने इसी साल 18 जुलाई को राजकीय पॉलीटेक्निक चोपता (रुद्रप्रयाग) से कनिष्ठ सहायक से प्रोन्नत होकर हिंडोलाखाल में वरिष्ठ सहायक पद पर ज्वाइनिंग दी थी लेकिन यहां तैनात होने के बाद वह कुछ ही दिन ड्यूटी पर आया।
पॉलीटेक्नीक हिंडोलाखाल के प्रधानाचार्य विकास गुप्ता ने बताया कि ज्वाइनिंग देने के बाद राजवीर सिंह 23 जुलाई को चोपता गया। वहां से वह 10 अगस्त को लौटा। वह 12 अगस्त को एक दिन की सीएल (आकस्मिक अवकाश) लेकर अपने घर चला गया। इसके बाद 13 अगस्त से वह गैरहाजिर चल रहा था। शायद उसे उसके पकड़े जाने का डर था इसलिए वह नहीं लौटा।