विश्वविद्यालयों की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
इस संबंध में विभाग के अनु. सचिव की ओर से सीबीआई को आधिकारिक जानकारी दी गई है। मामले में जब देहरादून पुलिस जांच कर रही थी, तभी विभाग से खालिद के आवेदन संबंधी दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई थी, जिस पर आयोग ने विस्तृत जांच के बाद सीबीआई को अब पूरा विवरण दिया है। आयोग के मुताबिक, उसने जिन विश्वविद्यालयों का छात्र होने का दावा करते हुए आवेदन किया था, उन विश्वविद्यालयों से रिपोर्ट मिली है कि खालिद उनका कभी छात्र नहीं रहा। इससे जाहिर होता है कि उसने मार्कशीट भी जाली लगाई थी।
उल्लेखनीय है कि हरिद्वार के लक्सर के रहने वाले खालिद का नाम पहली बार बीते सितंबर में तब सुर्खियों में आया, जब स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान हरिद्वार के एक केंद्र से पेपर के तीन पन्ने व्हाट्सएप पर वायरल हुए थे। जांच में सामने आया कि खालिद ने परीक्षा केंद्र में मोबाइल छिपाकर प्रवेश किया और अपनी बहन साबिया के जरिये सहायक प्रोफेसर सुमन को पेपर भेजा ताकि वे उसे हल कर सकें। विरोध-प्रदर्शन के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने हाल ही में खालिद, उसकी बहन और प्रोफेसर सुमन के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है।