स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक के विवादों से घिरे अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की एक और भर्ती विजिलेंस कार्रवाई की जद में आ गई है। 2016 में हुई इस परीक्षा को रद्द किया गया था। इस मामले में विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आयोग के ही तत्कालीन कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
उम्मीदवारों की ओर से दायर 13 याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए एक दिसंबर 2017 को वीपीडीओ भर्ती को निरस्त कर दोबारा से लिखित परीक्षा कराने के आदेश दिए थे। आयोग ने 25 फरवरी 2018 को दूसरी बार परीक्षा कराई। पूर्व परीक्षा में चयनित हुए 196 उम्मीदवारों में से दूसरी परीक्षा में केवल आठ का चयन हुआ था।
- ओएमआर सीट के साथ छेड़छाड़ की गई।
- दो सगे भाई पास हो गए थे परीक्षा में।
- एक टॉपर ने हाईस्कूल से इंटर में जाने में लगाए थे चार साल।
- ऊधमसिंहनगर के महुआडाबरा के 20 से ज्यादा युवाओं का चयन।
2016 की वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया है। विजिलेंस की ओर से जो भी दस्तावेज मांगे जाएंगे, वह उपलब्ध कराए जाएंगे।
-संतोष बडोनी, सचिव, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग