उन्होंने बताया कि जांच एक माह में सम्पन्न की जाएगी, तब तक के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। एसआईटी जांच में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही विवादों के केंद्र में स्थित हरिद्वार के परीक्षा केंद्र पर जिस भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा विवादों के घेरे में है
21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा विवादों के घेरे में है। परीक्षा शुरू होने के 35 मिनट बाद ही पेपर के तीन पन्ने सोशल मीडिया में वायरल हो गए थे। इस प्रकरण में पुलिस दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले को लेकर बेरोजगार संघ और विपक्षी दलों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।
एसपी देहात जया बलोनी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित
यूकेएसएसएससी मामले में गृह विभाग ने जांच के लिए एसपी देहात देहरादून जया बलोनी की अध्यक्षता में विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। इसमें चार सदस्यों को शामिल गया है। सीओ सदर अंकित कंडारी, एलआईयू इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह नेगी, एसओ रायपुर गिरीश नेगी और साइबर पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर राजेश ध्यानी को इसमें शामिल किया गया है। इस संबंध में गृह सचिव शैलेश बगौली ने बुधवार शाम को आदेश जारी कर दिए हैं।