दोनों मोबाइल रीसेट किए, एक ट्रेन में फेंका
एसपी जया ने बताया कि परीक्षा खत्म होने के बाद खालिद और साबिया को सोशल मीडिया पर अपनी करतूत वायरल होने का पता चला तो घबरा गए। खालिद अपना मोबाइल लेकर घर से फरार हो गया। उसने अपना मोबाइल और जिस छोटे मोबाइल से प्रश्नपत्र के फोटो भेजे थे, दोनों के सिम तोड़कर फेंक दिए। दोनों मोबाइल भी रीसेट कर दिए। फिर बस से पहले दिल्ली गया। वहां से ट्रेन से लखनऊ पहुंचा। उसी दौरान नकल में इस्तेमाल मोबाइल ट्रेन के कूड़ेदान में फेंक दिया। उसके बाद वापस हरिद्वार पहुंचा। वह देहरादून में सरेंडर करने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोच लिया।
अब चलेगी तकनीकी जांच, खालिद भी भेजा जेल
एसपी ने कहा कि आगे की जांच अब तकनीकी एक्सपर्ट करेंगे, जिसमें साइबर कमांडो भी शामिल रहेंगे। खालिद का पर्सनल मोबाइल मिला है पर उसका डाटा मिट चुका है। उसे रिकवर करने के लिए फोरेंसिक लैब की मदद ली जा रही है। परीक्षा केंद्र पर इस्तेमाल हुए फोन की तलाश जारी है। फिलहाल साबिया के बाद उसके भाई खालिद को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सहायक प्रोफेसर सुमन और खालिद की बहन अभी भी जांच के दायरे में हैं। एसपी ने कहा कि अब तक की जांच में किसी संगठित गिरोह के शामिल होने या प्रश्न पत्र के किसी अन्य स्थान से लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस मामले की आगे तकनीकी जांच कर रही है और यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से संबंधित कोई सबूत है, तो वह उनसे संपर्क कर सकता है। जल्द जांच से जुड़ा एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।