टीजी-2 भर्ती:
यूपीसीएल, यूजेवीएनएल में टेक्निकल ग्रेड-2(टीजी-2) के पदों पर भर्ती के लिए आयोग ने 2017 में परीक्षा कराई। इसका रिजल्ट आयोग ने 2020 में जारी किया और प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया। एक विधायक की शिकायत के बाद कोषागार में रखी हुई ओएमआर और उनकी कॉपी की जांच कराई गई। पता चला कि छह ओएमआर से छेड़छाड़ हुई थी। मामले में आयोग ने मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन परीक्षा से प्रतिबंधित करने का निर्णय लागू नहीं कर पाया।
अब तक आयोग ने की कार्रवाई
1- प्रमाणपत्र सत्यापन में एक छात्र के फर्जी दस्तावेज पकड़े गए, जिसे आयोग की परीक्षा से
डिबार किया गया।
2- एलटी भर्ती में सॉल्वर गैंग की मदद से परीक्षा देने वाले 12 अभ्यर्थियों को प्रतिबंधित
किया गया।
3- परीक्षा केंद्र से ओएमआर शीट की तस्वीर लेने वाले एक छात्र को आयोग की परीक्षाओं से
प्रतिबंधित किया गया।
देश में परीक्षा संपन्न कराने वाली संस्थाएं करती हैं कार्रवाई
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) जैसी तमाम संस्थाएं ऐसी हैं जो नकल करते पकड़े जाने पर अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती हैं। नीट का पेपर लीक होने के बाद नकलची छात्रों को आगामी परीक्षाओं से डिबार करते हुए उनकी सूची भी जारी की गई थी। एसएससी भी ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा से पांच से दस साल के लिए प्रतिबंधित करता आया है।
हमने कुछ मामलों में छात्रों को प्रतिबंधित करने के फैसले लिए हैं, लेकिन फॉरेस्ट गार्ड सहित कई भर्तियों में मामला न्यायालय में होने की वजह से हम प्रतिबंधित नहीं कर पाए।
- संतोष बडोनी, पूर्व सचिव, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग