पूछताछ के आधार पर हो रही गिरफ्तारी
उसने और निशांत ने स्वामी दर्शनानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी को 50 रुपये प्रति कंप्यूटर के हिसाब से केवल परीक्षा के लिए 11 महीने के लिए किराये पर लिया था। इसके बाद एनसीईआईटी कंपनी संग प्रवीण कुमार ने एग्रीमेंट कर लिया। यहां पर लैब टेक्नीशियन सचिन के माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल कराई गई।
इसके लिए प्रति अभ्यर्थी आठ से 10 लाख रुपये लिए गए थे। परीक्षा कराने के लिए प्रवीण को कंपनी ने भी 1.71 लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोपी से पूछताछ के आधार पर अभी और भी लोगों की गिरफ्तारी की जा सकती है।
यूकेएसएसएससी में अब तक 56 गिरफ्तारी
एसटीएफ ने चार मुकदमों की विवेचना पिछले साल शुरू की थी। इनमें स्नातक स्तरीय परीक्षा 2021 की धांधली में अब तक 44, वन दरोगा की परीक्षा में पांच, सचिवालय रक्षक परीक्षा में एक और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा वर्ष 2016 में छह समेत कुल 56 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।