आयोग कार्यालय में ही छोड़ दी सरकारी गाड़ी
कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सवाल उठाया कि किसके इशारे पर सांविधानिक संस्था में छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद नियम विरुद्ध तरीके से डॉ.जेएस राणा काम कर रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच की मांग भी की। उधर, आयोग के सचिव जीएस रावत का कहना है कि डॉ.राणा अपने व्यक्तिगत कार्यों से दफ्तर आए थे। उन्होंने सरकारी गाड़ी आयोग कार्यालय में ही छोड़ दी है।
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वहीं, सचिव कार्मिक शैलेश बगोली ने कहा कि आयोग के नए अध्यक्ष के संबंध में जल्द आदेश जारी कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, आयोग के नियमों में वरिष्ठ सदस्य को प्रभार दिए जाने का प्रावधान है। उधर, पक्ष जानने के लिए अमर उजाला ने डॉ.जेएस राणा से दूरभाष पर संपर्क किया। लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल पाया। जब भी उनका पक्ष आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।