आरक्षण लागू हुआ तो दूसरे राज्यों की महिलाओं ने बिगाड़ा गणित
राज्य की महिलाओं को नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण सरकार ने लागू कर दिया तो राज्य लोक सेवा आयोग की पीसीएस मुख्य परीक्षा का गणित बिगड़ गया है। राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान का कहना है कि खुद आयोग का यह नियम है कि एक पद के सापेक्ष 15 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जा सकता है, लेकिन राज्य लोक सेवा आयोग एक पद के सापेक्ष 70 अभ्यर्थियों को बुला रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञापन के समय आरक्षण लागू था।
बीच में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था, लेकिन अब सरकार इसका अध्यादेश ला चुकी है। हाईकोर्ट के आदेश के तहत जिन दूसरे राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को आयोग ने पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए योग्य घोषित किया था, उन्हें अब आरक्षण लागू होने के बाद हटा देना चाहिए था। इसके बजाए आयोग ने उन्हें जनरल कैटेगरी में शामिल कर दिया है, जिससे वहां मुकाबला और कड़ा हो गया है। आयोग का 15 अभ्यर्थियों का अनुपात भी बिगड़ गया है।