परीक्षा के समय महिलाओं के पतियों ने बच्चों को बाहर संभाले रखा। देहरादून निवासी ऋतु पटवारी की परीक्षा देने आई थीं। ऋतु साथ में अपनी दो साल की बेटी स्वर्णिमा को लाई थीं। ऋतु के पति शैलेश ने दो घंटे तक बेटी को संभाले रखा।
पिछली बार का पेपर सरल था। इस बार का पेपर थोड़ा कठिन लगा। इसे हल करने में मुश्किल हुई। इस बार 50 प्रतिशत पास होने की उम्मीद है।
- पूजा तिवारी, ऋषिकेश।
इस बार भूगोल और रीजनिंग के प्रश्न हल करने में थोड़ी मुश्किल हुई। हालांकि, अंग्रेजी न होने की वजह से भाषा समझने में आसानी रही।
-राजकुमारी, देहरादून
पिछली बार आठ जनवरी को भी पटवारी-लेखपाल की परीक्षा दी थी। पिछली बार उम्मीद थी कि पास हो जाएंगे लेकिन इस बार पास होना मुश्किल लग रहा है।
-पवन चौहान, देहरादून
इस परीक्षा की तैयारी कई दिनों से कर रही थी। पिछली बार का पेपर अच्छा हुआ था। इस बार भी उम्मीद है कि नंबर अच्छे आएंगे। इस बार करेंट अफेयर्स ज्यादा आया।
-आकांक्षा, प्रेमनगर