मसूरी रोड स्थित मैक्स अस्पताल पर लूट-खसोट और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी मरीज के परिजनों के साथ उक्रांद कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और उक्रांद कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, देर शाम उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
मंगलवार को उक्रांद के केंद्रीय मीडिया सचिव संजय क्षेत्री और केंद्रीय महामंत्री जयप्रकाश उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकर्ता और मरीज के परिजन मैक्स अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और तीमारदारों से लूट-खसोट का आरोप लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी और कर्मचारियों ने उन्हें धरनास्थल से उठाने का प्रयास किया।
इस पर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। क्षेत्री ने कहा कि बीती 11 जनवरी को मुजफ्फरनगर निवासी मोहम्मद ईसा अपने पुत्र फैजल को सिर दर्द की शिकायत पर मैक्स अस्पताल लेकर आए। उसके सिर में ब्रेन ट्यूमर बताया गया। इलाज में ढाई लाख का खर्च बताया गया। 15 जनवरी को फैजल को भर्ती कराया गया और 16 को उसका ऑपरेशन हुआ। लेकिन, होश नहीं आने पर दोबारा ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि करीब पौने दो माह बाद भी मरीज को होश नहीं आया है।
मरीज के परिजन मो. ईशा और मो. रब्बान का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी। उनसे लाखों रुपये वसूला जा चुका है। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हाल में एक प्रशासनिक अधिकारी के बेटे के इलाज में भी लापरवाही बरती गई। हंगामा बढ़ने पर सिटी मजिस्ट्रेट भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हंगामा करने उक्रांद कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के आदेश दिए।
इसके बाद पुलिस ने 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। संजय क्षेत्र ने कहा कि आचार संहिता खत्म होने के बाद मैक्स अस्पताल के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। मौके पर कैलाश पाल, गौरव उनियाल, मोहम्मद ईशा, मोहम्मद रब्बान, बशीर खान, अमित नारायण वर्मा, लताफत हुसैन, राजेश्वरी रावत, डीके पाल, अनीता शास्त्री सुदेश, सुशील कुमार आदि मौजूद थे।