उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय कार्यालय में कब्जे के लिए हुई मारपीट के बाद शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पुलिस छावनी में बदला दिखाई दिया।
पुलिस सुरक्षा के बीच ऐरी गुट के कार्यकर्ता जहां कार्यालय के कमरों में बैठकर वार्ता करते दिखे तो पंवार गुट जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करने में जुटा रहा। मगर जिलाधिकारी ने कब्जे के संबंध में हाथ खड़े करते हुए सक्षम न्यायालय जाने की नसीहत दी।
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
कचहरी स्थित उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय कार्यालय में शुक्रवार सुबह से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। सुबह दस बजे के बाद ऐरी गुट के कुछ कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में पहुंचे और कमरों में बैठ गए। इसमें केंद्रीय महामंत्री बहादुर सिंह रावत, महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र बिष्ट, केंद्रीय कोषाध्यक्ष आनंद सिलवाना, आशा शर्मा, पुष्पा ममगांई, मीनाक्षी, जयप्रकाश उपाध्याय, परमानंद डालाकोटी, योगेंद्र वाजपेयी, प्रताप सिंह कुंवर सहित करीब 15 लोग शामिल थे।
बहादुर सिंह रावत ने बताया कि पार्टी की रणनीति और कार्यों पर रूटीन चर्चा की गई। कार्यालय परिसर में पुलिस बल शाम तक तैनात रहा। दूसरी ओर, पंवार गुट के कार्यकर्ता दोपहर करीब 12 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।
कार्यालय दिलाने की मांग
प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी से वार्ता के दौरान गुट के अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने काशी सिंह ऐरी पर पार्टी कार्यालय पर अनधिकृत कब्जा करने का आरोप लगाते हुए कार्यालय दिलाने की मांग। इस दौरान उन्होंने लाठीचार्ज कराए जाने की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की। मगर जिलाधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने उन्हें कानूनी रूप से मामला तय करने की बात कही और सक्षम न्यायालय से फैसला लाने की बात कही। इस दौरान त्रिवेंद्र सिंह पंवार, लताफत हुसैन, एपी जुयाल, शांति प्रसाद भट्ट, विरेंद्र मोहन, जय प्रकाश, प्रमिला रावत, रेखा मिया आदि मौजूद रहे।
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