12वीं में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर दीपक कहते हैं कि पढ़ाई का कोई समय निर्धारित नहीं था, जिसे भी वह पढ़ लेते थे, वह उन्हें कंठस्त हो जाता था। शानदार सफलता से पूरा परिवार उत्साहित नजर आया।
उनकी मां सुनीता सती गृहणी हैं। दीपक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरूजनों को दिया है। वह भविष्य में प्रशासनिक सेवा में जाकर देश सेवा करना चाहते हैं।
दीपक ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए कोई मानक निर्धारित नहीं है। बस लगन और मेहनत करनी चाहिए। बता दें कि दीपक की बड़ी बहन गीतांजलि सती उत्तराखंड इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में 22वें स्थान पर रही थी।
बुधवार को उत्तराखंड बोर्ड का परिणाम जारी होने के बाद छात्र -छात्राओं के इंतजार खत्म हुआ। इस बार कक्षा 12वीं का परिणाम पिछले साल से ज्यादा 80.26 प्रतिशत रहा। साल 2019 में यह परिणाम 80.13 प्रतिशत था।
इस बार इंटरमीडिएट परीक्षा में 119164 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था। छात्राओं ने 83.63 प्रतिशत के साथ इंटरमीडिएट परीक्षा में बाजी मारी है। वहीं छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 76.68 है।
उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट आज सुबह 11 बजे शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बोर्ड कार्यालय में घोषित किया।
रिजल्ट बोर्ड की वेबसाइट पर जारी नहीं हुआ, क्योंकि यह वेबसाइट खराब है, जिसकी वजह से सिर्फ एनआईसी की वेबसाइट पर ही परीक्षा परिणाम देखा जा सकता है।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि बोर्ड की वेबसाइट
www.ubse.uk.gov.in पिछले एक माह से खराब है।
वेबसाइट सही कराने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक वेबसाइट सही नहीं हो पाई है। ऐसे में अब
uaresults.nic.in पर रिजल्ड अपलोड किया गया है।