अमन की इस उपलब्धि पर जनता इंटर कॉलेज के शिक्षकों और प्रधानाचार्य सतीश अरोरा ने उसे मिठाई खिलाकर बधाई दी। अमन ने कहा कि लॉकडाउन के कारण इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड का परीक्षाफल देरी से आया।
परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण लॉकडाउन के बीच एक माह पहले 17 वर्षीय अमन ने सिडकुल की एक वेंडर कंपनी में छह हजार रुपये की नौकरी कर ली थी।
जहां कॉपर समेत विभिन्न धातुओं के तारों की बाइंडिंग आदि कार्य किए जाते हैं। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे जब वह ड्यूटी पर था, तभी स्कूल से फोन आया कि उसने प्रदेश की मेरिट सूची में 16वीं रैंक प्राप्त की।
अमन ने बताया कि वह पांच भाई बहनों में सबसे छोटा है। पिता सिडकुल की एक फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड और माता गृहणी है। अमन का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का है।
उत्तराखंड बोर्ड की इंटर की परीक्षा में पछवादून टॉप करने वाले शिवम लेखवार का लक्ष्य विज्ञान के क्षेत्र में रिसर्च करने का है।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बाबूगढ़ में पढ़ने वाले शिवम ने बोर्ड की मेरिट सूची में 16वां स्थान हासिल किया है। इससे पूर्व 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शिवम ने मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल किया था। इस साल शिवम ने बोर्ड परीक्षा में 92.40 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
शिवम का कहना है कि घंटों किसी विषय को बैठकर पढ़ने से बेहतर है कि उसे कम समय में बेहतर ढंग से समझा जाए। उन्होंने बताया कि वह दो घंटे पढ़ाई करते हैं। खाली समय में वह अपने पिता राकेश लेखवार का दुकान में हाथ बंटाते हैं।
शिवम के पिता की अस्पताल रोड पर दुकान है। उनकी माता चंद्रेश्वरी लेखवार गृहणी हैं। बताया कि उन्होंने यह सफलता बिना किसी ट्यूशन के हासिल की है। पोते की इस सफलता पर दादा महिमानंद लेखवार भी गदगद नजर आए।
उन्होंने बताया कि शिवम से पूर्व उनका बड़ा पोता सत्यम लेखवार भी हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में पूरे प्रदेश में छठी रैंक हासिल कर चुका है।
शिवम का कहना है कि उनकी इस सफलता के पीछे पूरे परिवार की मेहनत भी है। शिवम एक ज्वाइंट फैमली में रहते हैं। जहां उनकी माता के साथ ही चाची भी उनका पढ़ाई में पूरा ध्यान देती हैं।