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यूजीसी ने किया बड़ा बदलाव, देशभर में हायर एजुकेशन के परीक्षा पैटर्न में होगा बदलाव

Mon, 25 Feb 2019 08:29 AM IST
अलका त्यागी आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
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देशभर में उच्च शिक्षा की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी पूरी हो चुकी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसके लिए गठित एग्जामिनेशन रिफॉर्म समिति की रिपोर्ट जारी कर दी है। इस पर देशभर के शिक्षा विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं।

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सुझावों के बाद यह परीक्षा प्रणाली से संबंधित बदलाव देशभर में लागू किए जाएंगे। इनके लागू होने के बाद जो मूल्यांकन होगा, उससे सामान्य और मेधावी छात्र अपनी काबिलियत के मुताबिक अंक हासिल कर सकेंगे।

यूजीसी ने गत वर्ष 24 मई की बैठक में परीक्षा प्रणाली में बदलाव के लिए भारती विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एमएम सोलुंखे की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। इस समिति ने यूजीसी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसे लागू करने से पहले यूजीसी ने इसे वेबसाइट पर जारी किया है। इस पर देशभर के शिक्षा विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं।
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सुझाव आने के बाद यूजीसी इस बदलाव को लागू कर देगी। परीक्षा प्रणाली की दिशा में यह बड़े बदलाव होंगे, जिनसे 12वीं के बाद से ही छात्र का मूल्यांकन बिल्कुल अलग तरह का होगा। शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत सिंह के मुताबिक, निश्चिततौर पर उच्च शिक्षा की परीक्षा प्रणाली में होने वाले यह बदलाव युवाओं को रोजगारपरक बनाएंगे। 

प्रश्नपत्रों में आमूलचूल परिवर्तन
समिति ने प्रश्नपत्रों की सेटिंग में आमूलचूल परिवर्तन की सिफारिश की है। इसके तहत प्रश्नपत्र बैंक बनाना होगा। इसमें ऐसे प्रश्न होंगे जो कि सामान्य छात्र को मुश्किल भी न लगें और मेधावी छात्र को आसान भी न लगें। प्रश्नपत्र बैंक बने होने से यह फायदा होगा कि बार-बार पेपर बदलने पर परेशानी नहीं होगी और प्रश्न रिपीट भी नहीं होंगे।

ऑन डिमांड परीक्षा की सुविधा होगी
अभी तक केवल एनआईओएस की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में ऑन डिमांड परीक्षा की सुविधा है। परीक्षा प्रणाली परिवर्तन समिति ने अब उच्च शिक्षा में भी ऑन डिमांड परीक्षा की सिफारिश की है। इसके लिए अलग से एक राष्ट्रीय बोर्ड का भी गठन किया जा सकता है। सबसे पहले ट्रायल के तौर पर यह बदलाव डिस्टेंस लर्निंग पाठ्यक्रमों में लागू किए जा सकते हैं। 

आंतरिक और बाह्य परीक्षा प्रणाली में बदलाव
यूजी में 30 प्रतिशत आंतरिक, 70 प्रतिशत बाह्य परीक्षा, पीजी में 40 प्रतिशत आंतरिक और 60 प्रतिशत बाह्य परीक्षा की जाए। अगर संस्थान चाहें तो इसे सीधे 50-50 प्रतिशत या 40-60 प्रतिशत के अनुपात में भी कर सकते हैं।

 

पहले 90 मिनट तक बाहर निकलना बंद
परीक्षा के दौरान शुरुआती 90 मिनट तक छात्र को परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इसके बाद छात्र चाहे तो परीक्षा छोड़कर परीक्षा केंद्र से बाहर जा सकता है। किसी भी छात्र को प्रश्नपत्र बाहर ले जाने की अनुमति न दी जाए। प्रश्नपत्र सीधे इंटरनेट के माध्यम से परीक्षा केंद्रों को भेजे जाएं। 

एबिलिटी टेस्ट
यूजी और पीजी में छात्रों की योग्यता की परख और इसे संवारने के लिए एबिलिटी टेस्ट का कांस्पेट लाया गया है। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर प्रैक्टिकल और ऑन स्पॉट प्रॉब्लम सॉल्विंग अभ्यास से छात्रों की योग्यता बढ़ सकती है। 

 
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मूल्यांकन के यह मॉडल सुझाए गए
मॉडल 1 : इसमें 70 प्रतिशत इंटरनल और 30 प्रतिशत एक्ट्रनल परीक्षा होगी। आंतरिक परीक्षा में 35-35 अंकों के दो क्लास टेस्ट, 10-10 अंकों की तीन क्विज, 10 अंक का ग्रुप डिस्कशन, 10 अंक का होम एसाइनमेंट, 10 अंक की हाजिरी होगी। जबकि 60 अंकों की बाह्य परीक्षा होगी। इस मॉडल में आंतरिक परीक्षा 140 अंक और बाह्य परीक्षा 60 अंक की होगी।
मॉडल 2 : इसमें 70 प्रतिशत आंतरिक और 30 प्रतिशत बाह्य परीक्षा होगी। आंतरिक परीक्षा में 35-35 अंकों के दो क्लास टेस्ट और डेली होम एसाइनमेंट, 40 अंकों के दो डेली होम एसाइनमेंट, 20 अंकों का ग्रुप डिस्कशन, 10 अंकों की हाजिरी और 60 अंकों की बाह्य परीक्षा होगी।
मॉडल 3 : आंतरिक परीक्षा के तहत 40 अंकों का वीकली होम एसानइमेंट, 35-35 अंकों के दो क्लास टेस्ट, 20 अंकों की क्विज, 10 अंकों की हाजिरी होगी। आंतरिक परीक्षा 140 अंक और बाह्य परीक्षा 60 अंकों की होगी।
मॉडल 4 : आंतरिक परीक्षा के तहत 30 अंकों का वीकली होम एसाइनमेंट, 10-10 अंकों के दो पोस्ट प्रेजेंटेशन, 30-30 अंकों के दो क्लास टेस्ट, 20 अंकों की क्विज, 10 अंकों की हाजिरी व 60 अंकों की बाह्य परीक्षा होगी। इसके तहत 140 अंकों की आंतरिक और 60 अंकों की बाह्य परीक्षा होगी।
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