आरोप है कि कार्यालय में मौजूद कर्मचारी पर दबंगई दिखाते हुए उक्त वन दरोगा आरोपियों को छुड़ाकर ले गया। रेंजर की ओर से इसकी सूचना तत्काल पुलिस और उच्चाधिकारियों को दी गई। तस्करों को छुड़ाकर ले जाने वाले वनकर्मी का विवादों से पुराना नाता रहा है। पिछले माह कोविड-19 में लगी ड्यूटी से भी नदारद रहने के साथ ही नशे में कार चलाने के मामले में उस पर केस दर्ज हो चुका है। इससे पहले भी मारपीट के कुछ मामलों में उसका नाम आ चुका है।
रेंजर ने मामले में गदरपुर थाने में शिकायत की तो पुलिस ने विभागीय मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया। इधर, वन क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र कुमार मेहरा ने बताया कि मामले में संबंधित वन दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत एसडीओ यूसी तिवारी और उच्चाधिकारियों को दी गई है। उच्चाधिकारियों के स्तर पर ही कार्रवाई होनी है।
वन दरोगा के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रहीं हैं। वन क्षेत्राधिकारी की ओर से लिखित में इस घटना की जानकारी दी गई है। जल्द ही वन दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- यूसी तिवारी, एसडीओ, तराई केंद्रीय वन प्रभाग