आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी उसकी दो बेटियों को ले जाने और उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। महिला ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए चेताया था कि यदि उसके साथ इंसाफ नहीं हुआ तो वह दोनों बेटियों के साथ आत्महत्या कर लेगी। पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और महिला आयोग को भी प्रतिलिपि भेजी थी।
इधर, दिनेशपुर थाना एसओ अशोक कुमार ने बताया कि तहरीर के बाद मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष त्रिनाथ विश्वास, रंजीत सिंह, सोबिया सिंह, गिल्ला सिंह, गुड्डो देवी, भागो देवी, पूरन सिंह, घुमान सिंह, दीवान सिंह, भूरो देवी, गुमान सिंह और अर्जुन सिंह के खिलाफ धारा 363, 366, 376, 452, 504, 506, 380, 323 आईपीसी, बाल विवाह निषेध अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
मेरा नाम इस मामले में जबरन घसीटा गया है। कुछ समय पहले महिला ने अपने घर में चोरी को लेकर पंचायत बुलाई थी। एक जनप्रतिनिधि होने की हैसियत से मैं पंचायत में शामिल हुआ था। एक युवक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद क्या घटनाक्रम हुआ, मुझे जानकारी नहीं है। इस पूरे प्रकरण से मेरा कोई लेनादेना नहीं है।
-त्रिनाथ विश्वास, जिला पंचायत उपाध्यक्ष।