विधायी की मोहर लगते ही लागू होगा कानून
नियमावली और क्रियान्वयन समिति ने फरवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर अभी तक लगभग 140 बैठक करने पश्चात नियमों को अंतिम रूप दिया। नियमों को प्रिंट करके अगले चार दिनों में मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा, उसके पश्चात शासन उन्हें विधायी के पास भेजेगा। विधायी उसके तकनीकी पहलुओं को जांचने के बाद मोहर लगाएगी, फिर कैबिनेट द्वारा लागू कर दिया जाएगा।
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यूसीसी लागू होने के बाद सबसे पहले मई 2025 तक तलाक, विवाह और लिव इन रिलेशन के पंजीकरण कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही पोर्टल से निशुल्क वसीयत कराने की सुविधा दी जाएगी, ताकि सभी धर्मों में उत्तराधिकार कानून का समान रूप से पालन हो सके और संपत्ति विवादों का हल निकले।