फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uniform Civil Code: उत्तराखंड में सभी प्रमुख सेवाओं से परस्पर जुड़ा होगा यूसीसी पोर्टल, तुरंत होगा सत्यापन

Tue, 08 Oct 2024 10:08 AM IST
रेनू सकलानी अवनीश चौधरी, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य के स्थापना दिवस पर राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हो सकता है। यूसीसी के नियम और क्रियान्वयन का काम देख रही विशेषज्ञ समिति ने अपना काम समय रहते पूरा कर दिया है।
विज्ञापन
सीएम धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लाभ लेने के लिए न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे, न ही फॉर्म भरने होंगे। इसके नियम और क्रियान्वयन को अंतिम रूप देने वाली विशेष समिति के अनुसार, यूसीसी पोर्टल को आधार, पैन कार्ड, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) समेत सभी प्रमुख सेवाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि यूसीसी से संबंधित किसी भी आवेदन के दस्तावेजों का सत्यापन अन्य विभागों के जरिए हो सके।

यूसीसी पोर्टल पर आवेदन करने वाले का आधार, पैन, जन्म-मुत्यु प्रमाण पत्र, संपत्ति आदि दस्तावेजों का सत्यापन यूसीपी पोर्टल से संबंधित विभागों से जुड़े होने से फौरन हो सकेगा। संबंधित दस्तावेज का नंबर डालते ही उसका सत्यापन हो जाएगा। इन कामों के लिए अलग-अलग कार्यालयों से संपर्क नहीं करना होगा।

सिक्योर सिस्टम पर रहेगा नया कानून

यूसीसी का पोर्टल 99 फीसदी तैयार है। जिसकी सेवाएं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सिक्योर डाटा सेंटर के जरिए दी जाएंगी, हाल में जिस तरह से राज्य के डाटा सेंटर में साइबर हमला हुआ, उस लिहाज से यूसीसी को एनआईसी के भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से जारी किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

विधायी की मोहर लगते ही लागू होगा कानून

नियमावली और क्रियान्वयन समिति ने फरवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर अभी तक लगभग 140 बैठक करने पश्चात नियमों को अंतिम रूप दिया। नियमों को प्रिंट करके अगले चार दिनों में मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा, उसके पश्चात शासन उन्हें विधायी के पास भेजेगा। विधायी उसके तकनीकी पहलुओं को जांचने के बाद मोहर लगाएगी, फिर कैबिनेट द्वारा लागू कर दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें...Cyber Attack: उत्तराखंड में पुलिस CCTNS पर हमला कर अपराधियों ने मांगी थी फिरौती, डाटा सेंटर तक ऐसे पहुंचे

यूसीसी लागू होने के बाद सबसे पहले मई 2025 तक तलाक, विवाह और लिव इन रिलेशन के पंजीकरण कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही पोर्टल से निशुल्क वसीयत कराने की सुविधा दी जाएगी, ताकि सभी धर्मों में उत्तराधिकार कानून का समान रूप से पालन हो सके और संपत्ति विवादों का हल निकले।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें