महिला विधायकों ने की वाहवाही
सरकार ने अपनी महिला विधायकों सरिता आर्य, शैलारानी रावत, रेनू बिष्ट को भी बिल के समर्थन में बोलने के लिए तैयार किया था। तीनों ने इस बिल को मातृशक्ति के लिए जरूरी करार देते हुए कानून की वकालत की। बताया, किस तरह से यह बिल महिलाओं, बेटियों के लिए ऐतिहासिक कामयाबी बन सकता है।
बाबा भीमराव आंबेडकर का सपना बताया
सत्ता पक्ष के विधायकों ने चर्चा के दौरान इस बिल को देश के पहले कानून मंत्री और संविधान का जनक कहे जाने वाले भारत रत्न बाबा भीमराव आंबेडकर का सपना बताया। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में समान नागरिक संहिता को बाबा आंबेडकर का सपना करार दिया। सरकार के इस दांव के सामने भी विपक्ष ज्यादा मीन-मेख निकालने की स्थिति में नजर नहीं आया।
...और पास हो गया विधेयक
माहौल पूरा बनने के बाद सदन के नेता पुष्कर सिंह धामी ने करीब एक घंटे तक बिल के समर्थन में अपनी बात रखी। इसके बाद बिल ध्वनिमत से पास हो गया। विपक्ष का कोई विरोध इस दौरान सामने नहीं आया।