उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षाफल बीस वर्षों में पहली बार महज 15 दिन में ही तैयार कर लिया गया है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार परीक्षाफल देर से जरूर घोषित हो रहा है, लेकिन मूल्यांकन के बाद रिजल्ट तैयार करने में तेजी से काम हुआ है।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि लॉकडाउन के चलते 22 मार्च को परीक्षाएं बीच में ही रोक दी गई थीं। 22 जून से 24 जून के बीच रुकी हुई परीक्षा कराई गई। इस दौरान कंटेनमेंट जोन के चलते कई छात्र परीक्षा से वंचित हो गए, जिनमें हाईस्कूल में 716, इंटर में 337 विद्यार्थी शामिल हैं।
इन छात्रों को तीन विषयों के अंकों के आधार पर औसत अंक देकर पास किया जाएगा, यदि फिर भी कोई छात्र औसत अंक से संतुष्ट नहीं होगा तो वह रिजल्ट आने के एक माह तक आवेदन कर सकता है।
बुधवार को रिजल्ट घोषित करते समय शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और बोर्ड सभापति आरके कुंवर भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान बोर्ड ऑफिस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा और कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जारी गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।
परीक्षाफल घोषित होने के एक सप्ताह बाद ही छात्रों को अंक पत्र और प्रमाण पत्र मिलेंगे। इसकी तैयारी बोर्ड की ओर से की जा रही है। ताकि छात्रों को आगे की कक्षा में प्रवेश लेने में मुश्किल न हो, क्योंकि इस साल कोरोना काल के चलते परीक्षाफल देर से जारी हो रहा है।