कपकोट के सलिंग गांव के समीप नदी में अवैध रूप से बिजली के तार से कटिया डाल करंट फैलाकर मछली मार रहे दो युवक खुद ही करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक नशे में थे।
सुमगढ़ निवासी संतोष कुमार (28) पुत्र शंकर लाल और सलिंग निवासी मोहन सिंह (30) पुत्र चंचल सिंह दोनों दोस्त थे। शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे दोनों ने मछलियां मारने के लिए गांव के पास कटिया डालकर केबिल के जरिये नदी में करंट फैला दिया। मछलियों के मरने के बाद वे नदी में मछलियां निकालने के लिए उतरे तो करंट की चपेट में आ गए। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
नदी के पत्थर पर दोनों के शव देखकर ग्रामीणों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कटिया का तार हटाकर घटना का जायजा लिया। आशंका जताई जा रही है कि दोनों नशे की हालत में थे, इसलिए नदी में कूदने से पहले करंट का तार निकालना भूल गए। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। वहीं दोनों की मौत की खबर लगते ही गांव, क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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नदी में करंट फैलाकर मछली मारना कानूनन जुर्म है। पुलिस के साथ मिलकर छापामारी की जाएगी। इस तरह मछली मारने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
-प्रमोद कुमार, एसडीएम कपकोट
नदी में इस तरह कंरट फैलाना बेहद गंभीर मामला है। इसकी जांच के लिए डीएफओ को निर्देशित किया जाएगा। इस तरह के मामलों की सिर्फ बागेश्वर ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों में भी जांच होगी। जो इस तरह की हरकत करते पकड़ा गया, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- डॉ. विवेक पांडे, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं