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Iवाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की सूचना पर की गई कार्रवाईI
Iएसटीएफ ने कालसी क्षेत्र से भालू की पित्त के साथ दो वन्य जीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 12 बोर की बंदूक और तीन कारतूस भी बरामद हुए हैं। भालू का शिकार कहां किया गया, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। दोनों के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।I
Iएसटीएफ एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) दिल्ली की ओर से सूचना मिली थी कि चकराता और कालसी क्षेत्र में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी हो रही है। इस पर एसटीएफ इंस्पेक्टर यशपाल बिष्ट की टीम को जांच में लगाया गया। मुखबिरों को सक्रिय किया गया। इस बीच मंगलवार को कालसी क्षेत्र के जोहड़ी क्षेत्र में दो संदिग्धों को रोका गया। आरोपियों ने अपने नाम कमल सिंह और संतु बताए। दोनों चकराता के मिंडल इलाके के बनियाना गांव के रहने वाले हैं। तलाशी लेने पर दोनों के पास से भालू की दो पित्त और 12 बोर की बंदूक व तीन कारतूस बरामद हुए।I
Iभालू वन्यजीव जंतु संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल है। इसका शिकार प्रतिबंधित है। आशंका है कि इन दोनों ने क्षेत्र में ही कहीं भालू का शिकार कर उसकी पित्त निकाली हैं। दोनों के खिलाफ कालसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में जांच की जा रही है। आशंका इस बात की भी है कि इनके साथ कोई और भी मिला हो सकता है। बता दें कि इस क्षेत्र में पहले भी बाघ और हिरन की कस्तूरी की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।I