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तीन संवासिनियां अस्पताल में भर्ती, दो गई घर

Sun, 03 Jan 2016 12:59 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून नारी निकेतन की संवासिनियों का अस्पताल पहुंचने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
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तबियत खराब होने पर शनिवार को चार और संवासिनियों को दून अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। एक संवासिनी का स्वास्थ्य सामान्य होने पर डॉक्टरों ने उसे वापस भेज दिया, जबकि तीन संवासिनियों को भर्ती कर लिया गया है।

इस तरह अस्पताल में भर्ती संवासिनियों की संख्या अब 14 हो गई है। दूसरी ओर, सेहत में सुधार होने पर पहले से भर्ती 11 संवासिनियों को आइसोलेशन वार्ड से सामान्य महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
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शनिवार दोपहर तबियत खराब होने के बाद चार संवासिनियों को 108 एंबुलेंस से दून अस्पताल लाया गया। इएमओ डा. नवनीत बेदी ने चारों संवासिनियों राजकुमारी (19), मिथिलेश (35), किरणबाला (58) और गुड्डी (43) के स्वास्थ्य की जांच की। इसके बाद उल्टी की शिकायत पर लाई गई संवासिनी राजकुमारी को डॉक्टरों ने दवा देकर वापस भेज दिया। जबकि एनीमिया, कमजोरी और ब्लड प्रेशर की दिक्कत झेल रही अन्य तीनों संवासिनियों को भर्ती कर लिया गया।

दूसरी ओर, पहले से भर्ती कुमकुम (33), रेनू (45) और कोमोलिका (25), शालिनी (45), कुसुम (35), आसमां (40), हिना (22), रामदुलारी (40), इंद्रावती (25), कंचन (45) और रजिया (36) की तबियत में सुधार बताया जा रहा है। उनकी देखरेख कर रहे वरिष्ठ फिजिशियन और अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डा. केसी पंत ने बताया कि सभी संवासिनियों को आइसोलेशन वार्ड से सामान्य महिला वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

नारी निकेतन की दो संवासिनियां घर गईं
मूक-बधिर के साथ दुष्कर्म, दो संवासिनियों की मौत और कई के बीमार होने से गरमाया नारी निकेतन का माहौल शनिवार को कुछ अलग था। संवासिनियां की आंखों से जारो-कतार आंसू निकलते थे, लेकिन वे इन्हें हंसकर पोंछतीं रहीं।

यहां रह रही दो संवासिनियां अपने घर चली गईं। उनके माता-पिता बड़ी मोहब्बत के साथ उन्हें घर ले गए। एक अच्छी खबर और है, अल्मोड़ा की संवासिनी के घर का पता मिल गया है। वह भी जल्दी ही घर चली जाएगी। बाल किशोर गृह के किशोर को कोर्ट ने घर भेजने की इजाजत दे दी है।

अधिकारियों ने बताया कि देहरादून जिले की रहने वाली ये दो संवासिनियां जब नारी निकेतन में आई थीं तो नाबालिग थीं। अब ये बालिग हो गई हैं तो कोर्ट ने इन्हें घर ले जाने की इजाजत दे दी।

सारी कागजी खानापूरी होने के बाद संवासिनियों के माता-पिता नारी निकेतन पहुंचे। वहां मौजूद अपर सचिव समाज कल्याण मनोज चंद्रन और दूसरे अफसरों ने संवासनियों को विदा कर दिया। इस दौरान निकेतन में हंसी-खुशी का माहौल रहा। संवासनियों को अपनी दो साथी बिछड़ने का दुख भी था, लेकिन उनके घर जाने की खुशी उससे कई गुना ज्यादा।

दो महीने पहले बाल विकास समिति को हरिद्वार में मिली अल्मोड़ा की संवासिनी के घर का पता अधिकारियों को नहीं मिल रहा था। इस पर अपर सचिव मनोज चंद्रन ने वन विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। संवासिनी के पिता का पता मिल गया है। साथ ही अधिकारियों ने उनसे बात की और संवासिनी की फोन पर बता कराई।
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दो-तीन दिन के बाद इस संवासिनी को भी विदा कर दिया जाएगा। बाल किशोर गृह में रह रहे एक किशोर को घर भेजने के कोर्ट ने आदेश कर दिया है। किशोर भी अपने घर जाएगा। अफसरों ने बताया कि जिन संवासनियों के घरवाले मिल जाएंगे उन्हें कोर्ट के आदेश के बाद विदा कर दिया जाएगा।
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