वर्तमान में चार प्लेटफार्म है। नए साल में प्लेटफार्म की संख्या पांच हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी यह तय नहीं है कि नई ट्रेनें किस रूट पर चलाई जाएंगी। कोच और ट्रेनों की संख्या बढ़ने से टिकट की वेटिंग कम हो जाएगी।
मौजूदा रेल व्यवस्था में एक परिवर्तन और हुआ है। पटरियों के मिलान के लिए पुराने पैनल इंटरलाकिंग सिस्टम को बदलकर पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड कर दिया है। नए पैटर्न के तहत अब रूट रिले इंटरलॉकिंग व्यवस्था लागू हो गई है। पहले जहां भारी भरकम हैंडिल को धकेलना पड़ता था, अब सारा काम बटन दबाने से होगा।
राप्ती-गंगा रोजाना दौड़ेगी
रेल प्रबंधन ने ट्रेन यातायात की दिशा में एक और अहम निर्णय लिया है। महज तीन दिन चलने वाली राप्ती-गंगा एक्सप्रेस अब पूरे सात दिन आवागमन करेगी। दून में पूर्वांचल की आबादी बढ़ने से यह फैसला लिया गया है। इस समय राप्ती-गंगा सप्ताह दो दिन दून से गोरखपुर और एक दिन दून से मुजफ्फरपुर तक चलती है। जल्द यह ट्रेन रोजाना गोरखपुर और मुजफ्फरपुर के लिए चलेगी।