अधिशासी अभियंता सीएस नेगी ने बताया कि पहली किस्त में मिले पैसे से काम पूरा करा लिया गया है। हमारा प्रस्ताव 58 लाख रुपए का था, लेकिन लगभग 23 लाख रुपए ही मिले थे।
बाकी पैसा मिलने के बाद सड़क को स्थायी और मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता डीएस नवियाल, एई एमपीएस कालाकोटी, प्रो. अरुण शर्मा, प्रो. जीएल साह समेत तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
अभी और बजट की जरूरत
लोअर माल रोड बनकर तैयार हो गया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अभी खतरा टला नहीं है। मरम्मत किए गए स्थान के साथ ही अन्य जगहों पर भी माल रोड धंस रही है। लगभग 150 मीटर रोड पर भूस्खलन की आशंका है, जबकि ट्रीटमेंट लगभग 30 मीटर रोड का ही हो पाया है। अभी समस्या का कामचलाऊ हल ही हो पाया है। माल रोड के स्थाई समाधान के लिए 2016 में 41 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया था।
31 दिन लगे ठीक होने में
लोअर माल रोड 18 अगस्त को टूटा था। इसके बाद से इसके ट्रीटमेंट की कवायद चली। रोड के बंद रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी कई किमी घूमकर जाना पड़ा। माल रोड बंद होने से पर्यटन व्यवसाय भी प्रभावित हुआ।
हरीश रावत ने की परमानेंट एक्सपर्ट कमीशन की वकालत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि लोअर मालरोड की तरह कई अन्य स्थान खतरे का संकेत दे रहे हैं जिसे लेकर सरकार को सेव नैनीताल के नारे के साथ परमानेंट एक्सपर्ट कमीशन का गठन करना चाहिए। रावत के अनुसार उनकी सरकार ने वर्षा जल निकासी और वर्षा जल संचयन को लेकर काम कराया था और आपदा विभाग से बलियानाले के उपचार और वर्षा जल रिचार्ज आउटलेट के लिए भी प्लान तैयार कराया था। इसके लिए पैसा भी स्वीकृत हो चुका था।