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उत्तराखंड कैबिनेट में शामिल हुए नवप्रभात और राजेंद्र सिंह भंडारी

Thu, 28 Jul 2016 02:53 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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caninet minister rajendra singh rawat - फोटो : amar ujala
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हरीश रावत मंत्रिमंडल में रिक्त हुए कैबिनेट मंत्रियों के दो खाली पदों पर गुरुवार को विधायक नवप्रभात और राजेंद्र सिंह भंडारी ने शपथ ग्रहण की।
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सुबह दस बजे राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में विकास नगर से विधायक नवप्रभात और बदरीनाथ से विधायक राजेंद्र भंडारी ने पद की कर्तव्य एंव निष्ठा की शपथ ली। उधर, राजनीतिक गलियारों में ये खबर भी जोरों पर है कि नवप्रभात और राजेंद्र सिंह भंडारी की ताजपोशी के बाद हरीश रावत को अन्य विधायकों का रोष झेलना पड़ सकता है।

हालांकि नए मंत्रियों के नामों की अधिकारिक घोषणा बुधवार को नहीं की गई थी, लेकिन उपरोक्त दोनों नामों पर की संभावना जताई गई थी। सूत्रों की हवाले से यह भी खबर है कि रावत के मंत्रियों के विभागों में जल्द ही फेरबदल संभव है।
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रिश्तेदारों और समर्थकों को जुटना शुरू

cabinet minister nav prabhat - फोटो : amar ujala
फ्लोर टेस्ट पास करने के बाद सत्ता में दोबारा वापस आए हरीश रावत ने इन दोनों पदों को जल्द भरने का आश्वासन दिया था। तमाम लोगों ने इन पदों के लिए दावेदारी भी ठोंक रखी थी। मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्रियों के दो खाली पदों को भरने के संबंध में मुख्यमंत्री ने हाईकमान से चर्चा भी की।

बुधवार को ही नवप्रभात और राजेंद्र भंडारी के नाम पर सहमति बन गई। हालांकि हाईकमान के स्तर पर कुछ औपचारिकता के फेर में देर रात तक दोनों के नामों की अधिकारिक घोषणा नहीं हो सकी थी।

दोनों ही विधायकों को शपथ गृहण के लिए तैयार रहने के संदेश दिए जा चुके थे। दोनों ही विधायकों के नजदीकी रिश्तेदार और समर्थकों का राजधानी में जुटना शुरू हो गया था।
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कुछ मंत्रियों की छुट्टी की भी चर्चा

हरीश रावत - फोटो : अमरउजाला
बुधवार को दोनों ही विधायक देर रात तक किसी तरह की अधिकृत सूचना से इंकार करते रहे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने गढ़वाल में कांग्रेस का पलड़ा भारी करने के मकसद से दोनों पद यहीं से भरे। इसके अलावा ब्राह्मण-क्षत्रिय वोट बैंक में संतुलन बिठाने की भी कोशिश की है।

गौरतलब है कि हरीश रावत पर पार्टी में क्षत्रियों और कुमाऊं को तरजीह देने का आरोप लगता रहा है। ताजा घटनाक्रम इन दोनों फैक्टर को बैलेंस करने का सटीक प्रयास माना जा रहा है।

उधर, खबर यह भी है कि कुछ मंत्रियों को पैदल भी किया जा सकता है। इनके स्थान पर कुछ नए चेहरे भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं। यह कवायद राजेंद्र भंडारी और नवप्रभात के मंत्री बनने से फैलने वाली संभावित नाराजगी को दूर करने के मकसद से की जा सकती है।
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