उत्तराखंड निर्वाचन आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारी में जोर-शोर जुट गया है। पहले चरण में वह मतदाता सूचियों के संशोधन और मतदान केंद्रों के चयन के अभियान पर है।
साथ ही साथ चुनाव कराने के लिए योग्य अधिकारियों की टीम तैयार की जा रही है। ऐसा पहली बार है कि प्रशिक्षण के बाद रिटर्निंग अफसरों की दक्षता का बाकायदा मूल्यांकन हो रहा है। इन तमाम चुनावी तैयारियों के संबंध में ‘अमर उजाला’ ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी से बातचीत की। पेश है संक्षिप्त बातचीत के अंश-
-विधानसभा चुनाव को लेकर क्या तैयारी है?
चुनाव की तैयारी को लेकर सबसे पहले मतदाता सूचियों के संशोधन और मतदान केंद्रों पर फोकस है। मतदाता सूचियों के रिव्यू का काम चल रहा है।
-मतदाता सूची कब तक फाइनल हो जाएगी?
मतदाता सूची के संशोधन का काम जारी है। 10 अक्टूबर तक राज्य में 73.81 मतदाता थे। 10 जनवरी तक मतदाता सूची फाइनल हो जाएगी।
-वोटर लिस्टों में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान कितने नए वोटर जुड़े हैं?
इस दौरान आयोग के पास एक लाख नए फार्म आए हैं। इनमें 18-19 आयुसीमा के 40 हजार वोटर हैं। 10 जनवरी तक ये संख्या कम-ज्यादा हो सकती है, क्योंकि कई नाम स्थान परिवर्तन व अन्य तरह के आवेदन हैं।
-नए वोटरों को जोड़ने के लिए और क्या प्रयास हो रहे हैं?
नए वोटरों को शामिल करने के लिए आयोग जनजागरूकता अभियान चला रहा है। आयोग की वेबसाइट पर मतदाता अपना नाम चेक कर सकते हैं। सभी निर्वाचन अधिकारियों को साफ निर्देश हैं कि कोई भी नाम मतदाता के संज्ञान में लाए बगैर नहीं काटा जाएगा।
-मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की अंतिम तिथि क्या है?
नामांकन के अंतिम दिन तक मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराए जा सकते हैं। इसलिए उनकी अपील है कि जिन लोगों के नाम सूचियों में दर्ज नहीं है वह अपने बीएलओ से संपर्क करके वोटर लिस्ट में अपना शामिल करा सकते हैं।
किस उम्र के कितने वोट
आयुसीमा - मतदाता
18-19 - 2,02,245
20-29 - 21,27,753
30-39 - 18,59,168
40-49 - 13,35,876
50-59 - 8,89,335
60-69 - 5,86,134
70-79 - 2,86,035
80 प्लस - 94,454
कुल योग - 73,80,000
(आंकड़े 10 अक्टूबर 2016 तक हैं)
पहली बार रिटर्निंग अफसरों का मूल्यांकन
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में तैनाती से पहले सभी रिटर्निंग अफसरों का मूल्यांकन किया। ऐसा पहली बार है जब रिटर्निंग अफसरों को ट्रेनिंग के बाद मूल्यांकन से गुजरना पड़ा है। मूल्यांकन के लिए आयोग की एक टीम पहले नैनीताल गई और उसके बाद अब देहरादून पहुंची।
टीम में आयोग के विधि सलाहकार एसके मेहंदी रत्ता, राज्य अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीरज खेरवाल के अलावा उड़ीसा और राजस्थान के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी शामिल हैं। कुल 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 75 रिटर्निंग अफसरों को नैनीताल स्थित प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई) में प्रशिक्षण दिया गया। सोमवार से 44 रिटर्निंग अफसरों का मूल्यांकन शुरू हो गया है।