फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो छात्राओं का दावा, भूगर्भीय हलचलें बढ़ा सकती हैं भारत के इस राज्य की चिंताएं, मच सकती है तबाही

Tue, 19 Mar 2019 01:56 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

भूगर्भीय सतह पर होने वाली हलचलें यदि तेज हुईं तो कुमाऊं मंडल के पहाड़ी क्षेत्रों में समस्या बढ़ सकती है। इस बात का दावा कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में भूविज्ञान की दो शोध छात्राओं सुष्मिता पंत और नाजिया हसन ने अपने शोध पत्र में किया है। दोनों छात्राओं को इस शोध पत्र के लिए लखनऊ में आयोजित एक सेमिनार में सम्मानित भी किया गया है।

विज्ञापन


सुष्मिता और नाजिया कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के भूविज्ञान विभाग में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. प्रदीप गोस्वामी के निर्देशन में पीएचडी कर रहीं हैं। उनके द्वारा बाहरी निम्न हिमालय, आंतरिक निम्न हिमालय में हो रहीं भूगर्भीय हलचलों के कारण आ रही विरूपता को लेकर शोध कार्य चल रहा है।

विज्ञापन

बागेश्वर-सोमेश्वर के पास के क्षेत्रों का अध्ययन किया

शोध के दौरान सुष्मिता ने द्वाराहाट-रानीखेत और नाजिया ने बागेश्वर-सोमेश्वर के पास के क्षेत्रों का अध्ययन किया। बताया जाता है कि उक्त क्षेत्रों में भूगर्भीय हलचलों को आंकने के लिए शोध नहीं हुआ है। दोनों छात्राओं ने शोध कार्य से निकले प्राथमिक परिणामों में पाया गया है कि उक्त पहाड़ी क्षेत्रों में आई दरारें काफी सक्रिय रूप में हैं।

यदि भूकंप का केंद्र कुछ दूरी पर भी होता है तो ये सक्रिय दरारें विकराल रूप ले सकती हैं। उन्होंने अपने शोध के प्राथमिक परिणामों में सरकार को चेताने का भी प्रयास किया है कि यदि उक्त क्षेत्र के आसपास भूगर्भीय हलचलें तीव्र हुई तो आपदा तबाही मचा सकती है। छात्राओं में शोध कार्य को जारी रखा है, लेकिन दरारों के सक्रिय होने के कारण भविष्य की चिंताओं को देखते हुए सरकार को उच्चस्तरीय शोध कराने की जरूरत है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें