पड़ोसी मुंहबोली बहन को ससुराल छोड़कर लौट रहे दो युवकों की बाइक सड़क पर खड़े ट्रक के पीछे जा घुसी। हादसे में एक युवक की दुर्घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
गढ़वाल कॉलोनी मानपुर में रहने वाली एक युवती की बारात बृहस्पतिवार को पीरूमदारा रामनगर से आई थी। वह कॉलोनी में रहने वाले कैलाश रावत (23) पुत्र सुरेंद्र सिंह रावत और मनीष घिल्डियाल (21) पुत्र जानकीनाथ की मुंहबोली बहन थी। वह दुल्हन को ससुराल छोड़ने के लिए बाइक से पीरूमदारा गए थे। देर रात दोनों बाइक से घर लौट रहे थे।
रामनगर रोड पर ग्राम धनौरी के पास उनकी बाइक हाइवे पर खड़े ट्रक (यूपी21एन-3330) में जा घुसी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि बाइक के परखचे उड़ गए और बाइक सवार सड़क पर जा गिरे। हादसे में कैलाश की मौके पर ही मौत हो गई। 108 सेवा से मनीष को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक वह भी दम तोड़ चुका था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में चीखपुकार मच गई। आनन-फानन में परिजन सरकारी अस्पताल पहुंचे।
पुलिस ने ट्रक कब्जे में ले लिया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। कैलाश के बड़े भाई कुलदीप रावत ने बताया तीन भाई, बहन में कैलाश सबसे छोटा था। बीते दिसंबर में उसकी बहन की शादी हुई थी। बीकॉम करने के बाद वह अपने साथी मनीष के साथ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर रहा था। उनके पिता रिटायर्ड फौजी हैं जबकि मनीष के पिता किसान हैं। मनीष भी पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था।
गहरे दोस्त थे दोनों
सड़क हादसे में मृत कैलाश और मनीष गहरे दोस्त थे। कैलाश के भाई कुलदीप ने बताया कि दोनों दोस्त बचपन से एक साथ पढ़ते थे। कैलाश ने डिग्री कॉलेज से बीकॉम किया था, जबकि मनीष ने आईटीआई की थी। दोनों कॉलोनी में रहने वाले अपने दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने आए थे। दोस्त की बहन की शादी की इतनी खुशी थी कि उसे ससुराल तक विदा करने वे खुद बाइक से गए थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वहीं दोनों दोस्तों की मौत से पूरी कॉलोनी गमगीन है। पोस्टमार्टम हाउस में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे।