आयकर विभाग के सर्वे में हरिद्वार के दो प्रतिष्ठानों की दो करोड़ रुपये की काली कमाई से पर्दा उठ गया है। आयकर विभाग ने जब पूछताछ और कागजात की जांच पड़ताल की तो घपला सामने आ गया।
दोनों प्रतिष्ठानों को मार्च के भीतर ही इस अघोषित आय पर टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा की स्थिति में आयकर विभाग आगे की कार्रवाई शुरू कर देगा, जिसमें प्रॉपर्टी अटैच करने और खाते सीज कर रिकवरी करने का भी प्रावधान है।
बुधवार को मुख्य आयकर आयुक्त पीके गुप्ता के निर्देशों पर आयकर विभाग की दो टीमों ने हरिद्वार के धनवंतरी स्कैन सेंटर और मेहरा नर्सिंग होम में सर्वेक्षण किया। दोनों ही जगह कई घंटे तक सभी कागजों की जांच-पड़ताल की गई। बैंक खातों का लेन-देन जांचा गया।
आयकर विभाग के मुताबिक धनवंतरी स्कैन सेंटर में रिकॉर्ड जांचें तो पता चला कि जो भी पैसा यहां लिया जाता था, वह किताब में दर्ज नहीं किया जाता था। पूरा काला धन एकत्र किया जा रहा था। इसी प्रकार, मेहरा नर्सिंग होम में भी अकाउंट बुक मेंटेन करने के बजाए काला धन जमा किया जा रहा था।
जब दोनों ही प्रतिष्ठानों के मालिकों से पूछताछ की गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। आयकर विभाग ने सर्वे में धनवंतरी स्कैन सेंटर पर डेढ़ करोड़ रुपये की अघोषित आय और मेहरा नर्सिंग होम पर 50 लाख रुपये की अघोषित आय चिह्नित की है। दोनों ही प्रतिष्ठानों को मार्च में ही इस पर टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।