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पटेलनगर लूटकांड: सराफ लूट में शामिल थे चार बदमाश, बुलंदशहर के दो कुख्यात दबोचे

Sat, 03 Oct 2020 10:42 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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देहरादून के पटेलनगर में सराफ से लूट के मामले में पुलिस ने बुलंदशहर के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। घटना में कुल चार बदमाश शामिल थे। बाकी दो की तलाश में दबिश जारी है। इनमें से एक बदमाश के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती के कई मुकदमे दर्ज हैं। इनके पास से देहरादून से लूटे गए जेवरात व नगदी भी बरामद हुई है। लूटकांड का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस मुख्यालय, आईजी रेंज और डीआईजी ने कुल 27500 रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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गौरतलब है कि 22 सितंबर को ब्लैसिंग फार्म के पास बदमाशों ने एक सराफ के पैर में गोली मारकर जेवरात और नगदी से भरा बैग लूट लिया था। शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने खुलासे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसपी सिटी श्वेता चौबे के नेतृत्व में पुलिस की आठों टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी थीं। पुलिस ने देहरादून से लेकर मुजफ्फनगर, शामली, बुलंदशहर आदि जगहों के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी चेक की। इसके अलावा इन स्थानों पर जेल से छूटे बदमाशों पर भी नजर रखी गई। घटना के दसवें दिन पुलिस को काफी मशक्कत करने के बाद चार बदमाशों के नाम पता चले।

सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रानिक सर्विलांस व मुखबिर तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने राहुल शर्मा उर्फ राहुल पंडित निवासी वैद्य जी वाली गली साठा बाजार और नदीम निवासी मोहल्ला शेखपारा थाना व कस्बा सिकंदराबाद, बुलंदशहर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, नईम निवासी बाजोरिया रोड घोघरेकी सहारनपुर और फैजल चौधरी निवासी खालापार योगेंद्रपुरी कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर फरार हैं। पकड़े गए बदमाश राहुल पंडित के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती आदि के कुल दस मुकदमे दर्ज हैं। जबकि, नदीम के खिलाफ हत्या का एक मुकदमा है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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दिल्ली में बनी प्लानिंग, कई दिनों से करा रहे थे रेकी

पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि नईम सेलाकुई में रहकर नौकरी करता था। उसी ने देहरादून में ज्वेलर को लूटने की योजना बताई थी। इसके बाद चारों बदमाश दिल्ली में राहुल के फ्लैट पर इकट्ठा हुए और पूरी प्लानिंग की। नईम को ज्वेलर की रेकी का जिम्मा सौंपा गया। नईम ने जीएमएस रोड स्थित ज्वेलर को चुना। ज्वेलर रोजाना नगदी व जेवर बैग में रखकर जाता था। 22 सितंबर को एक बाइक पर राहुल व नईम और दूसरी पर नदीम और फैजल चौधरी ज्वेलर के पीछे लग गए। ज्वेलर ने एक जगह से सब्जी ली तो वे भी कुछ पीछे रुक गए। इसके बाद जैसे ही वे अंधेरी जगह पर पहुंचे तो राहुल और नईम ने घटना को अंजाम दे दिया।

नाकेबंदी से बचने को जंगल में फेंकी बाइक

घटना के तत्काल बाद ही पुलिस ने नाकेबंदी कर दी थी। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वे सेलाकुई जाना चाहते थे। लेकिन, हर जगह चेकिंग हो रही थी। किसी तरह बचते बचाते वे डूंगा गांव वाले रास्ते तक पहुंच गए। यहां उन्होंने जंगल के रास्ते में बाइक छोड़ दी और पैदल पैदल नईम के कमरे पर चले गए। अगले दिन सुबह को फैजल और नदीम भी वहां पहुंचे। उन्होंने भी बाइक रास्ते में ही फेंक दी थी और रातभर जंगल में ही रुके। इसके बाद किसी न किसी तरह वे पांवटा पहुंचे और वहां से बुलंदशहर चले गए।

यह माल हुआ बरामद

पुलिस ने राहुल के पास से सोने की दो अंगूठी, एक जोड़ी बाली, चाभियां और 1200 रुपये नगद बरामद किए। जबकि, नदीम के पास से सोने की चार अंगूठी, सोने के तीन जोड़ी कान के झुमके और 1610 रुपये व घटना में प्रयोग की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई। घटना वाले दिन सराफ से करीब 80 ग्राम सोना और 40 हजार रुपये लूटे गए थे।

पुलिस टीम को इनाम

आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एक टीम इंस्पेक्टर प्रदीप बिष्ट, एसओ प्रेमनगर धर्मेंद्र रौतेला, एसआई दिलबर सिंह नेगी, एसएसआई भुवन चंद पुजारी, एसआई आशीष रावत, कांस्टेबल दीप प्रकाश, नरेंद्र, चमन, ललित शामिल थे। जबकि, दिल्ली से राहुल को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई नरेश राठौर, दीपक धारीवाल, कांस्टेबल श्रीकांत ध्यानी, राजीव कुमार, अमित शामिल रहे। एसओजी प्रभारी एश्वर्य पाल अपनी टीम के साथ इस पूरे खुलासे में साथ रहे। इन टीमों को पुलिस मुख्यालय ने 20 हजार रुपये, आईजी रेंज अभिनव कुमार ने पांच हजार रुपये और डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने ढाई हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

टीम ने शानदार काम किया है। 150 किलोमीटर के मार्ग पर 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई। इसके बाद सैकड़ों बदमाशों की शिनाख्त की गई। टीम ने जुनून के साथ-साथ अपनी कर्तव्य परिधि से बाहर जाकर भी इस खुलासे में बेजोड़ बिना रुके मेहनत की है। पूरी टीम को प्रशंसनीय काम के लिए बधाई। - अरुण मोहन जोशी, डीआईजी देहरादून

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