बाइसवें सैनिक संस्थान चकराता में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए भर्ती होने का प्रयास कर रहे दो तिब्बती युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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युवकों के खिलाफ फॉरेन एक्ट, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार एक माह से चकराता में सेना की भर्ती चल रही है।
अधिकारियों को दिखाया फर्जी प्रमाणपत्र
इस दौरान तिब्बत निवासी थिले गेस्टो और करमा ने भर्ती के लिए सेना के अधिकारियों के समक्ष इंडियन रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट ऑफ तिब्बत का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने अपनी जाति राजपूत और पढ़ाई मसूरी में दर्शायी है।
इस बीच जब सेना के अधिकारियों ने उनके प्रमाणपत्र का सत्यापन एलआईयू से कराया तो पता चला की उन्हें ऐसा कोई सर्टीफिकेट जारी नहीं हुआ है।
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सीनियर सिक्योरिटी ऑफिसर सतवंत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 14 (ख) फारेन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
उपनिरीक्षक चक्रधर शास्त्री ने बताया कि आरोपियों को सोमवार में कोर्ट में पेश किया जाएगा। नियमानुसार 1959 के बाद भारत में जन्मे तिब्बती युवकों को ही सेना में भर्ती किए जाने का प्राविधान है। इन आरोपियों ने भर्ती के दौरान इंडियन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ऑफ तिब्बत का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था।
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